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विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक बने प्रत्याशी उठा रहे बहुभाषी सोशल मीडिया Koo App का फायदा

 

नेशनल, 22 फरवरी 2022: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। आगामी 10 फरवरी से पहले चरण के मतदान के साथ इस सियासी संग्राम का बिगुल बज जाएगा। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के चलते भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी रैलियों-जनसभाओं पर लगाई गई रोक और प्रचार के लिए डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करने के निर्देश के बाद सोशल मीडिया पर जबर्दस्त तेजी से चुनाव प्रचार देखने को मिला है। आलम यह है कि राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा देश के पहले बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऐप का कई तरीकों से फायदा उठाया जा रहा है।

इस विधानसभा चुनाव में विभिन्न पार्टियों के स्टार प्रचारक और प्रत्याशी कू ऐप के जरिये जनता से बेहतर ढंग से जुड़ रहे हैं। इन स्टार प्रचारकों की कू ऐप पर मौजूद प्रोफाइल ना केवल इन दलों के प्रत्याशियों को प्रचार में फायदा पहुंचा रही है, बल्कि स्वयं किसी सीट से उम्मीदवार बने इन कैंपेनर को अपने इलाके में भी अच्छा समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है। केवल दो साल पुराने स्टार्टअप ने इस विधानसभा चुनाव में पार्टियों और प्रत्याशियों को अपनी बात अपने मतदाताओं की जुबान में कहने का जबर्दस्त माध्यम दिया है।

ऐसे वक्त में जब कोरोना महामारी के चलते भारत निर्वाचन आयोग को भी डिजिटल चुनाव प्रचार के निर्देश देने पड़े, चुनावी मौसम में कू ऐप काफी महत्वपूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया है। चुनावी मौसम में कू पहला ऐसा ऐप बनकर सामने आया है, जो एक नहीं बल्कि 10 भाषाओं में अपने संदेश को बिना किसी परेशानी के अनुवाद कर भेजने का मौका देता है। अब तक 2 करोड़ डाउनलोड्स का आंकड़ा हासिल कर चुके कू ऐप ने डिजिटल चुनाव प्रचार के दौरान हिंदी, पंजाबी, मराठी, अंग्रेजी जैसी भाषाओं के साथ कई राज्यों में स्टार प्रचारकों और प्रत्याशियों को अपनी बात कहकर सीधे जनता से जुड़ने का अनोखा टूल दिया है।

कू ऐप पर मौजूद उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के प्रमुख स्टार प्रचारकों-प्रत्याशियों की तो इनमें मौजूदा मुख्यमंत्री और गोरखपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार योगी आदित्यनाथ, उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मुजफ्फरनगर से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, राज्यसभा सांसद और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम, डिप्टी-सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, पंजाब से सांसद भगवंत मान, आप के छात्र विंग प्रदेश अध्यक्ष वंशराज दुबे, नीलम यादव, प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा छोड़कर सपा से जुड़े स्वामी प्रसाद मौर्य, बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

वहीं, उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश के मुख्यमंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रमुख स्टार कैंपेनर के रूप में कू ऐप पर जनता से नियमित रूप से जुड़े हुए हैं। गोवा में मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, प्रदेश के पूर्व मंत्री रोहन खाउंटे भी इस सोशल मीडिया ऐप के जरिये प्रचार का फायदा उठा रहे हैं।

इस बार चुनाव में सोशल मीडिया के प्रमुख प्रचार माध्यम बनने से काफी बदलाव देखने को मिला है। इससे हर वो प्रत्याशी जो मुखर है और जनता से जुड़ा रहना चाहता है, सोशल मीडिया के जरिये नियमित संपर्क बनाए रखता है। जबकि कू ऐप के बहुभाषी फीचर्स के जरिये प्रत्याशियों को सोशल मीडिया की एक नई ताकत मिली है, जो उन्हें अपनी बात को कई भाषाओं वाली जनता तक पहुंचाने में मदद करता है। चुनाव में स्टार प्रचारकों को डिजिटल प्रचार से डबल फायदा भी पहुंच रहा है क्योंकि ना केवल इससे जुड़ी जानकारी देकर वह अपने प्रत्याशियों को फायदा पहुंचा रहे हैं,