वोटर अधिकार यात्रा में हजारों समर्थकों के साथ शामिल हुए पूर्व विधायक सरोज यादव: जनता के अधिकारों के लिए एक ऐतिहासिक संघर्ष की शुरुआत

Report By: तारकेश्वर प्रसाद

आरा, बिहार: शनिवार को आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में आयोजित ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के ऐतिहासिक कार्यक्रम में, पूर्व विधायक सरोज यादव हजारों की संख्या में अपने समर्थकों के साथ शामिल होकर जनता के अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा दी। इस विराट जनसभा में बिहार के भावी मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाग लिया, जिन्होंने अपने ओजस्वी भाषणों से जनता में नई ऊर्जा का संचार किया।

यह यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह नागरिक अधिकारों, समान अवसरों और सामाजिक न्याय के लिए एक ऐतिहासिक संघर्ष की शुरुआत थी। कार्यक्रम में मौजूद जनता के अपार समर्थन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार की धरती लोकतंत्र, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा से अग्रणी रही है।

अपने संबोधन में पूर्व विधायक सरोज यादव ने इस यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मैं इस यात्रा में अपने समर्थकों के साथ जनता की आकांक्षाओं और सपनों की इस लड़ाई में शामिल हुआ हूं। यह संघर्ष केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों, समान अवसरों और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।” उन्होंने कहा कि आज का यह विशाल जनसमूह यह दर्शाता है कि बिहार की जनता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी है और अन्याय को सहन करने के लिए तैयार नहीं है।

इस कार्यक्रम में कई अन्य गणमान्य अतिथिगण भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस आंदोलन को और मजबूती दी। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सीपीआई (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी और रोहिणी आचार्य जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। इन सभी नेताओं ने एकजुट होकर वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए और जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया।

अखिलेश यादव ने अपने भाषण में कहा कि यह यात्रा देश भर में चल रहे लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा, तभी लोकतंत्र की रक्षा हो सकती है। वहीं, दीपांकर भट्टाचार्य ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए चल रहे इस संघर्ष में अपने संगठन के पूर्ण समर्थन की घोषणा की। मुकेश सहनी और रोहिणी आचार्य ने भी जनता को एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया।

सरोज यादव ने इस यात्रा को जनता के बीच एक नई उम्मीद जगाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा समाज के हर वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी, चाहे वे किसान हों, मजदूर हों, युवा हों या महिलाएं हों। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तभी सफल होगा जब सभी लोग मिलकर अन्याय और असमानता के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता को उनके मतदान के अधिकार की शक्ति से अवगत कराना था। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वोट केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह एक अधिकार है, जिसका उपयोग जनता को अपनी सरकार चुनने और अपने भविष्य को आकार देने के लिए करना चाहिए।

वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि जनता बदलाव चाहती है और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं। यह यात्रा बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, जो भविष्य में होने वाले चुनावों पर भी गहरा असर डालेगी। सरोज यादव और उनके समर्थकों का इस यात्रा में शामिल होना, यह दर्शाता है कि जनता के मुद्दों को उठाने में वे सबसे आगे हैं और वे एक ऐसे बिहार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां सभी को समान अवसर और न्याय मिल सके।

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