शाहाबाद को पटना प्रमंडल से अलग कर “आरा प्रमंडल” बनाने की माँग तेज़

Report By: तारकेश्वर प्रसाद
बिहार : बिहार का शाहाबाद क्षेत्र, जिसमें आरा, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिले शामिल हैं, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से हमेशा विशेष महत्व रखता आया है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सामाजिक आंदोलनों तक इस क्षेत्र ने अपनी अलग पहचान बनाई है। बाबू वीर कुंवर सिंह जैसी महान विभूति की जन्मभूमि होने के बावजूद यह क्षेत्र अभी भी पटना प्रमंडल में शामिल है, जिसके चलते यहाँ की कई समस्याएँ उपेक्षित रह जाती हैं।
शाहाबाद को पटना प्रमंडल से अलग कर “आरा प्रमंडल” बनाए जाने की माँग लंबे समय से उठती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरा को नए प्रमंडल का मुख्यालय बनाया जाए तो प्रशासनिक कार्यवाही तेज़ होगी, विकास योजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और जनता को पटना की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
क्षेत्रीय पहचान को मज़बूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने के लिए भी आरा प्रमंडल का गठन आवश्यक माना जा रहा है। आरा भौगोलिक दृष्टि से चारों जिलों के बीच सबसे उपयुक्त स्थान है, साथ ही यहाँ शिक्षा, न्याय और स्वास्थ्य संस्थानों की नींव पहले से मौजूद है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि आरा प्रमंडल का गठन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उचित होगा, बल्कि इससे जनता की सुविधा, क्षेत्रीय गौरव और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। अब देखना है कि सरकार इस पर कब ठोस पहल करती है।