योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त व घुमंतू जातियों के लिए बोर्ड गठन की घोषणा, शिक्षा, आवास और विकास योजनाओं का किया विस्तार

Report By : स्पेशल डेस्क

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विमुक्त व घुमंतू जातियों के कल्याणार्थ आयोजित विमुक्त जाति दिवस समारोह 2025 में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में घुमंतू जातियों के विकास के लिए विशेष बोर्ड गठन करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जातियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करेगी। इसके साथ ही इन जातियों के लिए कॉलोनियां और मकान बनाने की योजना पर भी कार्य शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इन समुदायों के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन जातियों के पूर्वजों ने विदेशी आक्रमणों, विशेषकर मुगलों और अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया। अंग्रेजों ने उनके पराक्रम से भयभीत होकर 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू कर इन जातियों को जन्म से अपराधी घोषित कर दिया। स्वतंत्रता के बाद भी यह कलंक 1952 तक बना रहा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त 1952 को इन जातियों को इससे मुक्ति मिली। सीएम ने विमुक्त जाति दिवस को इसी ऐतिहासिक पल की याद दिलाने वाला दिवस बताया।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार पूरी ईमानदारी से विमुक्त और घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में शिक्षा और आवास के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि 9 जिलों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, दो आवासीय आश्रम पद्धति विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं और 101 आवासीय विद्यालय पहले से ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इन विद्यालयों में रहने, खाने और पढ़ाई की सभी व्यवस्थाएं सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई हैं। इसके अतिरिक्त 264 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में विमुक्त जातियों के बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने वनटांगिया मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके लिए सरकार ने राजस्व गांव का दर्जा दिया, मताधिकार का अधिकार सुनिश्चित किया और उनके लिए घर, स्कूल और अस्पताल बनवाए। इसी तरह मुसहर, कोल, थारू, गौड़, चेरो और सहरिया जैसी जातियों के लिए भी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि कुम्हार, निषाद और राजभर समाज को भी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

योगी आदित्यनाथ ने यह स्पष्ट किया कि अब विमुक्त और घुमंतू जातियों को जमीन के पट्टे और मतदान की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से मंच पर ही निर्देशित किया कि घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे शामली और वनटांगिया के लिए मॉडल बनाया गया, उसी तरह घुमंतू जातियों के लिए भी विकास योजनाएं लागू होंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश की पुलिस भर्ती में घुमंतू जातियों के कई युवक और युवतियों का चयन हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान कर रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि घुमंतू जातियों के लिए मॉडल कॉलोनियां बनेंगी, जिसमें बुनियादी ढांचा, आवासीय सुविधा, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल प्रदेश में इन जातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करेगी।

समारोह में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, असीम अरुण, नरेन्द्र कश्यप, संजीव गौड़, बैजनाथ रावत, बेचन राम, जीत सिंह खरवार, विश्वनाथ प्रसाद, वाईपी सिंह, भगवान नाथ और डॉ. शोभा चौधरी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को विमुक्त जाति दिवस की शुभकामनाएं दी और विकास की दिशा में सकारात्मक कार्य की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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