योगी सरकार ने 10 माह में 13 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा, वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य

Report By : स्पेशल डेस्क

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने महज दस माह में 13 लाख से अधिक निर्धनतम परिवारों को जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित कर उन्हें गरीबी की रेखा से ऊपर लाने का अभूतपूर्व प्रयास किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार मॉनीटरिंग और निर्देशन के तहत अब तक 3 लाख 72 हजार परिवारों को अभियान का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में गरीब कल्याण और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में नई मिसाल साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में जीरो पावर्टी अभियान की घोषणा की थी। उनका उद्देश्य था कि प्रदेश के ऐसे परिवारों की पहचान की जाए जो अब भी बुनियादी जरूरतों और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत से 25 निर्धनतम परिवारों को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के माध्यम से चिन्हित परिवारों को बहुआयामी सहायता दी जा रही है, जिसमें रोज़गार, आजीविका, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिलाओं एवं बच्चों के सशक्तिकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं।

अगस्त 2025 तक कुल 13,32,634 परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना में शामिल किया जा चुका है। इनमें से 3,72,000 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा चुका है। जिलों में सबसे अधिक निर्धन परिवारों की पहचान आज़मगढ़ में 42,082, जौनपुर में 39,374 और सीतापुर में 36,571 परिवारों की हुई। इसके अलावा हरदोई में 30,050 और प्रयागराज में 28,935 परिवार चिन्हित किए गए। इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से अधिक से अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है। उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश पूरी तरह गरीबी मुक्त हो।

अभियान के तहत चिन्हित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, जल जीवन मिशन के तहत नल से जल कनेक्शन, उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत रोजगार एवं आजीविका के अवसर शामिल हैं। इसके साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

योगी सरकार की रणनीति में डेटा आधारित ट्रैकिंग, नियमित निगरानी, जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और समन्वित कार्यान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी चिन्हित परिवारों को समय पर योजना का लाभ पहुँचाने के लिए विभागीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन लगातार अभियान की प्रगति पर निगरानी रख रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यह अभियान उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम है। इस पहल से न केवल गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएँ मिल रही हैं, बल्कि उनकी जीवनशैली और समाज में भागीदारी में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को महत्वपूर्ण सरकारी पहल बताते हुए कहा है कि यह गरीब कल्याण का व्यापक और स्थायी दृष्टिकोण है, जिसमें आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक सभी पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय योगदान दें और सभी योग्य परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित करें।

जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित परिवारों की नियमित मॉनिटरिंग और लाभ वितरण की प्रक्रिया लगातार चल रही है। योजना का उद्देश्य केवल वर्तमान में मदद प्रदान करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में सभी परिवारों को पूर्ण रूप से लाभान्वित करना और प्रदेश को 2027 तक गरीबी मुक्त बनाना है। इस दिशा में शासन-प्रशासन और समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

Related Articles

Back to top button