मुख्तार के करीबी रियाज अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज, पत्नी और दो अन्य भी आरोपी

Report By: आसिफ अंसारी
गाजीपुर : कासिमाबाद थाने की पुलिस ने मुख्तार अंसारी के करीबी माने जाने वाले रियाज अंसारी और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। रियाज अंसारी 62 वर्षीय हैं और वार्ड नंबर 11, दक्षिण मुहल्ला, बहादुरगंज नगर पंचायत के निवासी हैं। उनके साथ उनकी पत्नी निकहत परवीन (50 वर्ष), परवेज जमाल (52 वर्ष) और नजीर अहमद (67 वर्ष) भी आरोपित हैं।
पुलिस के अनुसार रियाज अंसारी का गिरोह D-131/25 के नाम से जाना जाता है और इसका नेतृत्व रियाज खुद करते हैं। रियाज स्वयं को मुख्तार अंसारी का सहयोगी बताते हैं। उनका गिरोह धमकी देकर रंगदारी वसूलने, कूटरचित दस्तावेज बनाकर लोगों को ठगने और उनके मकानों या संपत्ति पर कब्जा करने जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
स्थानीय लोग इस गिरोह के आतंक से डरते हैं और इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने या अदालत में गवाही देने से कतराते हैं। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों पर धारा 2(ख)(1) और 3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार रियाज अंसारी और उनकी पत्नी पर इससे पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, धमकी, रंगदारी वसूलना और संपत्ति पर कब्जा करने जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं। उनके राजनीतिक प्रभाव और मुख्तार अंसारी से निकट संबंध के कारण स्थानीय लोग इनके खिलाफ कार्रवाई कराने में हिचकिचाते रहे हैं।
रियाज अंसारी वर्तमान में बहादुरगंज नगर पंचायत के अध्यक्ष भी हैं। उनके नेतृत्व वाली इस गिरोह की गतिविधियों के कारण इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल रहा है। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों और रियाज अंसारी के किसी भी आपराधिक कृत्य की संपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों की शिकायतों और लगातार हो रहे अपराधों के आधार पर की गई है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार आएगा और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
इस मामले के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने कहा है कि भविष्य में इस तरह के गिरोहबंद और अपराधी तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और कोई भी अपराधी अपराध करने में सफल नहीं हो पाएगा।
इस कदम को स्थानीय नागरिकों ने स्वागत योग्य बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे इलाके में भय का माहौल कम होगा और कानून का शासन मजबूत होगा।