सशक्त युवा ही राष्ट्र का भविष्य, संस्कृति के संरक्षक और विकास के शिल्पकार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय जम्बूरी में युवा शक्ति को प्रेरक संदेश

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
लखनऊ की पावन और ऊर्जावान धरती पर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स (Bharat Scouts and Guides) की डायमंड जुबली तथा 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी (National Jamboree) के समापन समारोह ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि युवा शक्ति (Youth Power) ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। शुक्रवार को आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने मार्मिक, प्रेरणादायक और राष्ट्रप्रेरित संबोधन में युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा (Talent), कौशल (Skills) और ऊर्जा (Energy) को देश के विकास (National Development) और विश्व शांति (World Peace) के लिए समर्पित करें। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के युवा केवल भविष्य के निर्माता (Future Builders) ही नहीं, बल्कि भारत की महान परंपराओं, संस्कृति और सभ्यता के संरक्षक (Custodians of Heritage) भी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जैसे एक दीपक से अनेक दीपक जलाए जा सकते हैं, वैसे ही एक सशक्त, संवेदनशील और समृद्ध व्यक्ति (Empowered Citizen) अनेक सशक्त और समृद्ध व्यक्तियों का निर्माण कर सकता है। उन्होंने युवाओं में निहित उसकी नेतृत्व क्षमता (Leadership Ability), सहयोग भावना (Cooperation Spirit) और आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को देश की उन्नति के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने संदेश दिया कि एक व्यक्ति का सामर्थ्य पूरे समाज और राष्ट्र को बदलने की शक्ति रखता है और स्काउट्स एंड गाइड्स इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति ने प्रकृति संरक्षण (Nature Conservation) और पर्यावरण मित्र जीवनशैली (Eco-Friendly Lifestyle) पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि स्काउट्स एंड गाइड्स का प्रकृति के साथी होने का सिद्धांत (Companionship with Nature Principle) जीवन में अपनाया जाए, तो धरती हरी-भरी (Green Planet) और खुशहाल (Prosperous Planet) बन सकती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट (Environmental Crisis) से लड़ने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता अनिवार्य है और युवा इस जागरूकता को समाज तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जम्बूरी में देशभर से 35 हजार से अधिक युवा उपस्थित हैं, जबकि 25 देशों से आए 2 हजार स्काउट्स और गाइड्स भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं वाले युवाओं का एक ही मंच पर आना विश्व बंधुत्व (Global Brotherhood) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग (International Cooperation) का पवित्र प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं (Competitions) युवाओं की क्षमता बढ़ाती हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा (Competition) के साथ सहयोग (Cooperation) की भावना भी राष्ट्र के उत्थान के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन देशभर में 63 लाख से अधिक युवाओं को शिक्षित कर रहा है और यह दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर गर्व जताया कि इस संगठन में गाइड यानी छात्राओं की संख्या 25 लाख से अधिक है, जो बेटियों के सशक्तिकरण (Women Empowerment) के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाती है। उन्होंने उन छात्राओं को बधाई दी जिन्होंने अनुशासन, मेहनत और समाज सेवा के मार्ग को अपनाकर नए मानदंड स्थापित किए हैं।
राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि स्काउटिंग और गाइडिंग केवल प्रशिक्षण (Training) का विषय नहीं, बल्कि यह मानवीय मूल्यों (Human Values) का आधार है। देश में जब भूकंप, महामारी या किसी अन्य संकट के समय सामाजिक सेवा (Social Service) की जरूरत होती है, तो स्काउट्स एंड गाइड्स सबसे पहले आगे आते हैं। सेवा भाव (Spirit of Service) ही इस संगठन की सबसे बड़ी विशेषता है। सेवा का यह मूल्य भारतीयता (Indianness) की आत्मा है और यही वह शक्ति है जिससे नया भारत आकार लेगा।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि स्काउट्स एंड गाइड्स ऐसी युवा पीढ़ी (New Generation) तैयार कर रहा है जो न केवल कौशल सम्पन्न (Skilled) है बल्कि संवेदनशील (Sensitive), राष्ट्रभक्त (Patriotic), अनुशासित (Disciplined) और जिम्मेदार नागरिक (Responsible Citizen) भी है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत (Developed India) के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसका आधार युवा आबादी की मेहनत, प्रतिबद्धता और दृष्टि पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए अनेक योजनाएं और प्लेटफार्म प्रदान कर रही है और ‘मेरा युवा’ (Mera Yuva) जैसी पहल युवा ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में जोड़ने का उद्देश्य पूरा कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स का आदर्श वाक्य “तैयार रहो” (Be Prepared) युवाओं को जिंदगी के हर संघर्ष, बदलाव और चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम बनाता है। इसके लिए संवाद क्षमता (Communication Skills), टीम वर्क (Team Work), समस्या समाधान (Problem Solving) और निर्णय क्षमता (Decision Making) जैसे कौशल आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं युवाओं का है जिनमें सीखने की ललक, निरंतर प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण कायम रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि यह जम्बूरी प्लास्टिक मुक्त (Plastic Free) आयोजन रहा और वेस्ट सेग्रिगेशन (Waste Segregation), पर्यावरण संवर्धन (Environmental Promotion) तथा ग्रीन इनिशिएटिव्स (Green Initiatives) को प्रमुखता से अपनाया गया। राष्ट्रपति ने इसे एक प्रेरक कदम बताया और कहा कि यह युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी सिखाने वाला सर्वोत्तम मॉडल है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अपने संबोधन में कहा कि जम्बूरी ने स्वावलंबन (Self-Reliance), स्वदेशी (Indigenous), स्वच्छता (Cleanliness) और विकसित भारत (Developed India) की भावना को साकार किया है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग कौशल (Skills) के साथ करुणा, निष्ठा और साहस जैसे मूल्यों (Values) का भी विकास करती है और यही मूल्य भारत के नए भविष्य का आधार बनेंगे।
कार्यक्रम में मिजोरम के मुख्यमंत्री पी. लालदुहोमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, प्रादेशिक अध्यक्ष महेंद्र सिंह, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त केके खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त प्रभात कुमार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी और हजारों युवा मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मु ने स्मारिका का विमोचन किया, जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जम्बूरी पत्रिका का विमोचन कर उसकी पहली प्रति राष्ट्रपति को भेंट की।
कार्यक्रम के दौरान स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Performances) ने अतिथियों का मन मोह लिया। विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने गतका सहित कई कौशलों का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने मार्च पास्ट की सलामी (March Past Salute) लेते हुए विभिन्न राज्यों के स्काउट्स और गाइड्स का उत्साहवर्धन किया। पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति (Patriotism), अनुशासन (Discipline) और युवा ऊर्जा (Youth Energy) के उल्लास से भरा नजर आया।
समारोह के अंतिम क्षणों में पूरा मैदान प्रतीक चिह्न, झंडों, नारों और समर्पण के उत्साह के बीच भारत माता की जय के स्वर से गूंज उठा। जम्बूरी में आई युवा पीढ़ी अपने-अपने राज्यों और देशों को लौटेगी, लेकिन उसके साथ ले जाएगी राष्ट्रप्रेम, संस्कृति, सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों की वह सीख जो उसे जीवनभर प्रेरित करेगी।
यह कार्यक्रम यह संदेश देता है कि भारत का भविष्य केवल सपनों पर नहीं, बल्कि उन युवाओं पर टिका है जो जिम्मेदारी, संवेदनशीलता, सेवा और समर्पण के साथ राष्ट्र का गौरव बढ़ाते हैं।





