उत्तर प्रदेश ने पीएम सूर्यघर योजना में 1 गीगावाट क्षमता हासिल कर नई मिसाल कायम की, सोलर रूफटॉप से ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार सृजन में बड़ा कदम

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
लखनऊ की ऊर्जा से भरपूर धरती पर उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूर्यघर (PM Suryaghar) योजना के अंतर्गत नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए 01 गीगावाट क्षमता हासिल की है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Self-Reliance) की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर है, बल्कि देशभर के लिए एक प्रेरक उदाहरण (Benchmark) भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में यह योजना न केवल पारदर्शी और सरल (Transparent and Efficient) बनकर सामने आई है, बल्कि इसके माध्यम से 2.90 लाख से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप (Solar Rooftop) संयंत्रों की स्थापना से बिजली की बचत (Energy Saving), अतिरिक्त आय (Additional Income) और हरित विकास (Green Development) का अवसर भी सुनिश्चित हुआ है।
योजना के तहत केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने कुल 2,600 करोड़ रुपये का अनुदान (Subsidy) प्रदान किया, जिसमें केंद्र का योगदान 2,000 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का 600 करोड़ रुपये रहा। इस अनुदान के कारण नागरिकों पर आर्थिक बोझ (Financial Burden) कम हुआ और योजना में सहभागिता (Participation) की गति तेज हुई। योजना की पारदर्शिता और सुगमता के कारण प्रारंभिक चरण में मात्र 81 पंजीकृत वेंडर (Vendors) थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 4,200 तक पहुंच गई है। इस वृद्धि से तकनीकी सहायता (Technical Support), स्थापना प्रक्रियाओं की गति (Installation Speed) और प्रतिस्पर्धा (Competition) में सुधार आया, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता (High Quality Service) की सेवा सहजता से मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार योजना को हर जिले, ब्लॉक और गांव में प्रभावी रूप से लागू किया गया। उनके मार्गदर्शन में सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया, जिससे आमजन बिना किसी जटिलता के अपने घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर सके। इस योजना के माध्यम से 4,000 एकड़ भूमि की बचत (Land Saving) भी संभव हुई, जो अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए उपयोग की जा सकती है।
सोलर ऊर्जा क्षेत्र (Solar Energy Sector) में इस योजना ने रोजगार (Job Creation) के नए अवसर भी सृजित किए हैं। सोलर पैनल उत्पादन (Solar Panel Manufacturing), स्थापना (Installation), मॉनिटरिंग (Monitoring) और सेवा (Maintenance) क्षेत्रों में अब तक लगभग 50,000 नए रोजगार उत्पन्न हुए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को ठोस मजबूती (Strong Foundation) मिली है। यह रोजगार न केवल तकनीकी दक्षता (Technical Expertise) बढ़ा रहे हैं बल्कि युवाओं में स्वरोजगार (Self-Employment) और उद्यमिता (Entrepreneurship) की संभावनाओं को भी मजबूत कर रहे हैं।
योजना ने ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) और हरित विकास (Sustainable Growth) के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर घर स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) से जुड़कर आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था (Energy Self-Sufficiency) का हिस्सा बने। उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना न केवल नागरिकों को बिजली बचत (Energy Saving) का लाभ देती है बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय (Additional Income) उत्पन्न करने का अवसर भी प्रदान करती है, जिससे जीवन स्तर (Standard of Living) में सुधार होता है।
योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता (Transparency) और प्रतिस्पर्धा (Competition) के बढ़ते स्तर ने वेंडरों के बीच गुणवत्ता और सेवा (Service Quality) को बढ़ाया है। प्रारंभिक चरण में 81 वेंडरों की सीमित संख्या के कारण तकनीकी सहायता और स्थापना की गति सीमित थी, लेकिन अब 4,200 वेंडरों के साथ यह प्रक्रिया तेजी से और प्रभावी रूप से चल रही है। इससे उपभोक्ताओं के लिए समय, लागत और सुविधा का संतुलन (Cost-Effective Convenience) सुनिश्चित हुआ है।
सोलर रूफटॉप परियोजना (Solar Rooftop Project) के माध्यम से 2.90 लाख घरों में बिजली की बचत हुई है। अनुमानित तौर पर प्रत्येक घर में लगभग 1,200 यूनिट सालाना (Annual Units) बिजली की बचत हुई है, जिससे कुल ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस उपलब्धि से राज्य में बिजली की मांग पर भी दबाव कम हुआ है और अतिरिक्त उत्पादन (Additional Production) के अवसर खुले हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना में न केवल तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर ध्यान दिया, बल्कि स्थानीय समुदायों (Local Communities) को इस पहल में शामिल कर रोजगार और कौशल विकास (Skill Development) की दिशा में भी कदम बढ़ाए। योजना के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण (Training) देकर सोलर पैनल इंस्टालेशन (Installation) और मेंटेनेंस (Maintenance) के क्षेत्र में दक्ष बनाया गया। इससे रोजगार की संख्या बढ़ी और स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को मजबूती मिली।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना (PM Suryaghar Scheme) की सफलता राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों (Joint Efforts) का परिणाम है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 30-40 प्रतिशत तक अनुदान (Subsidy) उपलब्ध कराया गया है। यह आर्थिक सहायता (Financial Assistance) उपभोक्ताओं के लिए प्रेरक बनी और योजना में सहभागिता बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
योजना के तहत स्थापित किए गए सोलर पैनल (Solar Panels) की निगरानी (Monitoring) और रख-रखाव (Maintenance) की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित किया जा रहा है। इससे समय पर सेवा (Timely Service), तकनीकी सुधार (Technical Improvement) और शिकायत निवारण (Grievance Redressal) सुनिश्चित होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सोलर रूफटॉप परियोजना न केवल ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) का प्रतीक है, बल्कि यह रोजगार सृजन (Job Creation), कौशल विकास (Skill Development), आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) और पर्यावरणीय जिम्मेदारी (Environmental Responsibility) का भी मॉडल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को इस योजना में शामिल होने और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
योजना के सकारात्मक प्रभाव से घर-घर में बिजली बचत (Electricity Saving), लागत में कमी (Cost Reduction), स्थानीय रोजगार (Local Employment) और हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह पहल राज्य की ऊर्जा रणनीति (Energy Strategy) में एक महत्वपूर्ण स्तंभ (Key Pillar) बनकर उभरी है।
सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि योजना में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा (Transparency and Competition) का उच्चतम स्तर कायम रहे। इससे न केवल वेंडरों की संख्या बढ़ी बल्कि उनके कौशल (Skills), उत्पाद की गुणवत्ता (Product Quality) और सेवाओं की विश्वसनीयता (Service Reliability) में सुधार हुआ।
उत्तर प्रदेश में इस योजना से उत्पन्न ऊर्जा (Generated Energy) 01 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि राज्य को देश के अन्य हिस्सों में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के लिए उदाहरण स्थापित करने का अवसर प्रदान करती है। इसके माध्यम से प्रदेश ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Self-Sufficiency), आर्थिक विकास (Economic Development) और रोजगार सृजन (Job Creation) में नया मानक स्थापित किया है।
आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में हर घर को स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा। योजना के प्रभाव से न केवल पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) मजबूत हुआ है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को स्थिर और मजबूत आधार मिला है।
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि देश में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy India) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल (Inspiring Model) साबित हुई है। इस योजना से राज्य में सोलर पैनल (Solar Panel) उत्पादन, स्थापना, मेंटेनेंस और प्रशिक्षण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हुआ और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सुनिश्चित हुई।
इस प्रकार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना (PM Suryaghar Scheme) ने प्रदेश के 2.90 लाख घरों को सोलर ऊर्जा (Solar Energy) से जोड़कर न केवल ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) में योगदान दिया बल्कि रोजगार (Employment), कौशल विकास (Skill Development) और आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ऊर्जा रणनीति (Energy Strategy UP) और हरित विकास (Green Development) की दिशा में बड़ी सफलता के रूप में दर्ज हुई है।





