कंबल वितरण के माध्यम से स्वर्गीय सुशील मोदी को दी गई श्रद्धांजलि

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बिहार सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जन्म जयंती समारोह की पूर्व संध्या पर सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदना का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। वार्ड संख्या 22 की पार्षद सह भाजपा नेत्री रेखा जैन के नेतृत्व में मनोकामना हनुमान मंदिर, महादेव रोड परिसर में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भीषण ठंड को देखते हुए आयोजित इस सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाना था। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, जिससे ठंड से जूझ रहे लोगों को काफी सहारा मिला। आयोजन स्थल पर सामाजिक सौहार्द और सेवा भावना का वातावरण देखने को मिला।

इस अवसर पर पार्षद रेखा जैन ने स्वर्गीय सुशील मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा, सुशासन और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर भाजपा कार्यकर्ता लगातार सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। कंबल वितरण कार्यक्रम भी उसी सेवा भावना का हिस्सा है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. दिनेश सिंहा, मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, युवा मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र चौबे, युवा मोर्चा जिला महामंत्री उमंग चंद्रवंशी, नीरज केशरी, अमर कश्यप, जितेंद्र शुक्ला, रितिक सिन्हा, राधा देवी, आकाश कुमार, नितिन कुमार, सुमित कुमार, निखिल, निशांत सिंह सेंगर सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जरूरतमंदों की सेवा में सहयोग किया।

वहीं कार्यक्रम में उपस्थित युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विभू जैन ने आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी कार्यकर्ताओं, स्थानीय लोगों और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना से कार्य करने वाला परिवार है, जो हर परिस्थिति में समाज के साथ खड़ा रहता है।

कार्यक्रम के अंत में जरूरतमंद लोगों ने कंबल पाकर आयोजकों का आभार जताया और इस तरह के सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने की अपील की। स्वर्गीय सुशील मोदी की जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सेवा और समर्पण के मूल्यों को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया।

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