योगी सरकार की दिव्यांग सशक्तिकरण नीति को मिला अभिनव आयाम

यूपी के प्रथम राज्य विश्वविद्यालय में ब्रेल पुस्तकालय का उद्घाटन, दृष्टि दिव्यांगों को समावेशी शिक्षा का सशक्त मंच

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और दिव्यांग सशक्तिकरण (Disability Empowerment) की दूरदर्शी नीति को वर्ष 2026 की शुरुआत में एक नया और ठोस आयाम प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस नीति को धरातल पर उतारते हुए, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप के मार्गदर्शन में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में प्रदेश के पहले राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय का भव्य शुभारंभ किया गया।

यह ऐतिहासिक पहल दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रथम तल पर स्थापित अत्याधुनिक ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का विधिवत उद्घाटन किया। इससे पूर्व, ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों का हाथ पकड़कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जो समावेशन और मानवीय संवेदना का प्रतीक रहा। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए केवल पढ़ने की विधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को आधुनिक Computer Training और Digital Skills की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तकनीकी युग में आत्मनिर्भर बन सकें।

राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने संबोधन में बताया कि इस ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के स्वयं के ब्रेल प्रेस द्वारा प्रकाशित स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) स्तर के 54 पाठ्यक्रमों पर आधारित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप 4,000 से अधिक अकादमिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है, जहां इतनी बड़ी संख्या में ब्रेल पुस्तकों के साथ एक सुव्यवस्थित पुस्तकालय अनुभाग स्थापित किया गया है।

इस ब्रेल पुस्तकालय में 150 से अधिक पाठकों की एक साथ बैठकर अध्ययन करने की सुविधा से युक्त एक विशाल Reading Room भी तैयार किया गया है, जो शांत, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “सबको शिक्षा” की भावना के अनुरूप यह पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। बाहरी दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति भी सदस्यता लेकर यहां उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है, जिससे शोधार्थी, शिक्षाविद, संगठन और आम नागरिक भी इस सुविधा से जुड़ सकेंगे। यह व्यवस्था राज्य में Social Inclusion और Equal Opportunity की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता एवं पुस्तकालय प्रभारी प्रोफेसर यशवंत वीरोदय ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में ब्रेल पुस्तकों की संख्या को बढ़ाकर 10,000 तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यहां शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ उपन्यास, नाटक, महापुरुषों की जीवनियां और अन्य साहित्यिक कृतियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे दृष्टि दिव्यांग पाठकों की ज्ञान और मनोरंजन—दोनों आवश्यकताएं पूरी होंगी।

इस अवसर पर ब्रेल शोध छात्र अजय कुमार द्विवेदी सहित अन्य दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री नरेंद्र कश्यप और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि लुई ब्रेल ने उन्हें पढ़ने की लिपि दी, जबकि इस विश्वविद्यालय ने उन्हें गरिमामय शिक्षा व्यवस्था और समान अवसर प्रदान किए हैं, जिससे उनके जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

कुल मिलाकर, यह ब्रेल पुस्तकालय उत्तर प्रदेश में दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकता है।

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