‘श्रीअन्न’ किसानों ने सरकारी खरीद को दी प्राथमिकता, योगी सरकार ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड
खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में बाजरा, ज्वार और मक्का की रिकॉर्ड खरीद, किसानों को मिला अधिक भुगतान

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
लखनऊ : खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में ‘श्रीअन्न’ (Millets) किसानों ने खुले बाजार की बजाय सरकारी खरीद (Government Procurement) को प्राथमिकता दी है। योगी सरकार की पारदर्शी नीति (Transparent Policy) और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के चलते इस वर्ष बाजरा, ज्वार और मक्का की खरीद ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसका सीधा लाभ किसानों को अधिक आय (Income Support) के रूप में मिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की गई खरीद से किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है। 1 अक्टूबर से शुरू हुई ‘श्रीअन्न’ की खरीद प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। इस दौरान बाजरा की 2.13 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 43,562 मीट्रिक टन और मक्का की 13,209 मीट्रिक टन खरीद की गई, जो बीते वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है।
सरकार द्वारा ज्वार (मालदांडी) का 3749 रुपये, ज्वार (हाईब्रिड) का 3699 रुपये, बाजरा का 2775 रुपये और मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था। किसानों को MSP पर सीधा भुगतान (Direct Payment) मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
वर्ष 2025–26 में बाजरा की खरीद 33 जनपदों में की गई। इस दौरान 90,513 किसानों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 54,253 किसानों से 2.13 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया। इसके एवज में किसानों को 598.04 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
जबकि वर्ष 2024–25 में केवल 1.01 लाख मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हुई थी और किसानों को लगभग 268 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि इस वर्ष सरकारी खरीद पर किसानों का भरोसा दोगुना हुआ है।
ज्वार की खरीद 11 जनपदों में की गई। इस वर्ष 20,307 किसानों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 13,454 किसानों से 43,562 मीट्रिक टन ज्वार की खरीद हुई। किसानों को इसके बदले 162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
वहीं मक्का की खरीद 25 जनपदों में संपन्न हुई। 7,106 किसानों के पंजीकरण में से 3,445 किसानों से 13,209 मीट्रिक टन मक्का खरीदा गया और 31.96 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि योगी सरकार की Farmer-Friendly Policy, Online Registration System और DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किए गए भुगतान ने किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया है। यही कारण है कि इस वर्ष अधिक किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचना उचित समझा।
सरकार का उद्देश्य केवल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘श्रीअन्न’ को बढ़ावा देकर पोषण सुरक्षा (Nutrition Security), किसानों की आय में वृद्धि (Income Enhancement) और Sustainable Agriculture को प्रोत्साहित करना भी है।
कुल मिलाकर, खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में ‘श्रीअन्न’ की रिकॉर्ड खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश में कृषि नीति अब विश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान पर आधारित हो चुकी है, जिससे किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।





