आधी आबादी के स्वावलंबन की मिसाल बनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां, दुग्ध वैल्यू चेन से हजारों महिलाएं बनीं लखपति दीदी

दुग्ध वैल्यू चेन से 45,611 से अधिक महिलाएं सशक्त, प्रतिदिन 9.15 लाख लीटर से अधिक दुग्ध का हो रहा संग्रहण

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम 

लखनऊ :  उत्तर प्रदेश में आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब ठोस परिणाम देने लगे हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के नेतृत्व एवं निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission), ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की मजबूत आधारशिला बन रही हैं।

दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (Deendayal Antyodaya Yojana–National Rural Livelihood Mission) के अंतर्गत आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से संगठित कर उन्हें आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मिशन का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें लखपति दीदी (Lakhpati Didi) के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।

ग्रामीण महिलाओं को कृषि एवं गैर-कृषि आधारित विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए उन्हें न्यूनतम एक लाख रुपये या उससे अधिक की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत सुदृढ़ हो सकें।

ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा उठाए गए प्रभावी कदमों में दुग्ध वैल्यू चेन (Dairy Value Chain) एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड क्षेत्र में संचालित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (Balini Milk Producer Company) ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है। बलिनी आज आधी आबादी के स्वावलंबन की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है।

बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी दुग्ध उत्पादक महिलाओं से दूध का संग्रह कर उसका संरक्षण एवं विपणन करती है। इस साहसिक पहल से जुड़ी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी द्वारा दुग्ध उत्पादक सदस्यों को पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तायुक्त पशु आहार एवं पशु स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की स्थापना वर्ष 2019 (2019) में झांसी जनपद में की गई थी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य सदस्य उत्पादकों, विशेष रूप से महिलाओं के हितों की रक्षा करना है। पारदर्शी प्रणाली, समय पर भुगतान, क्षमता निर्माण तथा पशुधन सहायता सेवाओं के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के अपने लक्ष्य को बलिनी ने सफलतापूर्वक हासिल किया है।

बलिनी कंपनी की एक विशेषता यह है कि दुग्ध संग्रह से लेकर भंडारण तक की पूरी प्रक्रिया में बिचौलियों को दूर रखा गया है, जिससे किसानों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। वर्तमान में बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जनपदों के 1351 ग्रामों से लगभग 90 हजार महिलाएं प्रतिदिन 2.72 लाख लीटर से अधिक दुग्ध का संग्रह कर रही हैं। इनमें से लगभग 20 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं।

प्रदेश में संचालित दुग्ध वैल्यू चेन के अंतर्गत कुल पांच कंपनियां (Five Companies) — बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी, काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी एवं सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी कार्यरत हैं। इन कंपनियों के माध्यम से प्रदेश के 31 जनपदों के 5205 ग्रामों में 2.89 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक जुड़े हुए हैं।

इन सभी दुग्ध वैल्यू चेन कंपनियों द्वारा प्रतिदिन 9.15 लाख लीटर से अधिक दुग्ध (9.15 Lakh Litre Per Day) का संग्रह किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर आय सृजन हो रहा है। अब तक इन दुग्ध वैल्यू चेन से जुड़े 45,611 से अधिक सदस्य लखपति की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।

कुल मिलाकर, मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभरी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश (Atmanirbhar Uttar Pradesh) के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

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