भीषण ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला पदाधिकारी

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद


भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। ठंड से आमजन, विशेषकर गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल परिसर तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि ठंड से लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ ही प्रशासनिक टीमों को निर्देश दिया गया है कि अलाव की व्यवस्था लगातार चालू रहे और किसी भी स्थान पर लापरवाही न बरती जाए।

शीतलहर से प्रभावित गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा कंबल वितरण अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़कों पर रहने वाले, फुटपाथों पर गुजर-बसर करने वाले तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के बीच कंबल वितरित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ठंड से बचाव मिल सके।

इसके अलावा निराश्रित एवं बेघर व्यक्तियों के लिए जिले में संचालित रैन बसेरों को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। रैन बसेरों में ठहरने, गर्माहट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि ठंड के दौरान कोई भी व्यक्ति खुले में रहने को मजबूर न हो। प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति शीतलहर के कारण प्रभावित न हो। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी स्थान पर कोई व्यक्ति ठंड से पीड़ित, बेघर या सहायता की आवश्यकता में दिखाई दे, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें। सहायता एवं आपात स्थिति के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC), भोजपुर से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1070 तथा हेल्पलाइन नंबर 06182-221233 / 94723-98730 जारी किए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर की अवधि तक राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि जिले के हर नागरिक को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।

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