महादलित टोलों के लिए सामुदायिक स्वच्छता परिसर का पुन संचालन

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

भोजपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों में महादलित टोलों में निवास करने वाले भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए पूर्व में निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को फिर से क्रियाशील बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में आज शाहपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत सेमरिया में स्थित एक सामुदायिक स्वच्छता परिसर को मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद पात्र परिवारों को विधिवत रूप से सौंप दिया गया।

बताया गया कि यह सामुदायिक स्वच्छता परिसर पहले विभिन्न कारणों से पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा था। जिला प्रशासन के निर्देश पर इसकी मरम्मत कराई गई, जिसमें शौचालय, पानी की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया गया। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद अब इसे पुनः उपयोग के लिए स्थानीय पात्र परिवारों के हवाले कर दिया गया है।

सामुदायिक स्वच्छता परिसर के दीर्घकालिक और नियमित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर एक समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति परिसर की देखरेख, साफ-सफाई और नियमित उपयोग को सुनिश्चित करेगी, ताकि भविष्य में यह व्यवस्था निष्क्रिय न हो सके। समिति के सदस्य समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाएंगे।

उप विकास आयुक्त, भोजपुर की पहल पर विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से जिले के सभी सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के लिए एक संगठित प्रबंधन टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस टीम में पंचायत सचिव को संयोजक बनाया जा रहा है, जबकि स्वच्छता कर्मी, विकास मित्र, जीविका समूह की वीओ (VO) की दीदी, दो उपयोगकर्ता तथा स्थानीय युवा प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल किया जा रहा है। इस समावेशी व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि समुदाय स्वयं इस परिसर को अपनी जिम्मेदारी समझे और इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभाए।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के संचालन में पारदर्शिता और निरंतरता आएगी। साथ ही महादलित और भूमिहीन परिवारों को स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध होंगी, जिससे स्वास्थ्य स्तर में भी सुधार होगा। खुले में शौच जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भोजपुर जिले के अन्य प्रखंडों और पंचायतों में भी ऐसे सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा और जहां आवश्यकता होगी, वहां मरम्मत एवं पुनर्संचालन की कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का दूरगामी परिणाम यह होगा कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर सतत रूप से संचालित होते रहेंगे और ग्रामीण स्वच्छता अभियान को नई मजबूती मिलेगी।

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