एनएसएस के विशेष शिविर से अधिग्रहीत ग्रामों में जन-जागरूकता का व्यापक अभियान, ग्रामीण विकास को मिला नया आयाम

Report By : संजय साहू चित्रकूट

चित्रकूट : जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की राष्ट्रीय सेवा योजना (National Service Scheme – NSS) इकाई चार, पाँच एवं सात द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2026 को अधिग्रहीत ग्राम रानीपुरभट्ट, सीतापुर ग्रामीण एवं अरखन पुरवा में एकदिवसीय विशेष शिविर (Special Camp) का आयोजन किया गया। यह शिविर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय के निर्देशन में सामाजिक चेतना (Social Awareness), जन-जागरूकता (Public Awareness) एवं ग्रामीण विकास (Rural Development) के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

विशेष शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता अभियान (Cleanliness Drive), पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection), जल-संरक्षण (Water Conservation), सामाजिक समरसता (Social Harmony), नागरिक कर्तव्य (Civic Duties) एवं स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness) से संबंधित अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर संपर्क अभियान (Door to Door Campaign) चलाया और ग्रामीणों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ परिवेश ही स्वस्थ समाज की नींव होता है।

शिविर में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चित्रकूट-बाँदा सहकारी बैंक के चेयरमैन पंकज अग्रवाल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में स्वच्छता (Sanitation), नल-जल योजना (Tap Water Scheme), पर्यावरण संतुलन (Environmental Balance) एवं पारिवारिक समन्वय (Family Coordination) पर विशेष बल दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज निर्माण (Nation Building) में सक्रिय भूमिका निभाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में अपना योगदान सुनिश्चित करें। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी अभिमन्यु भाई एवं राम मनोहर ने भी स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सेवा कार्यों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों (Objectives of NSS), अनुशासन (Discipline) और सेवा-भाव (Spirit of Service) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज के प्रति संवेदनशील बने रहने और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनन्द कुमार ने शिविर का निरीक्षण करते हुए स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि “राष्ट्र निर्माण (Nation Building) की सुदृढ़ नींव गाँवों से ही पड़ती है और स्वयंसेवक अपने समर्पण (Dedication) एवं संवेदना (Sensitivity) के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनते हैं।” उन्होंने स्वयंसेवकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

शिविर के सफल संचालन में कार्यक्रम अधिकारी शांत चतुर्वेदी एवं ओम प्रकाश की भी सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने भी इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर उन्हें अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों को समझने में मदद करते हैं।

कुल मिलाकर, यह एकदिवसीय विशेष शिविर ग्रामीण समाज में जागरूकता फैलाने, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ, जिससे अधिग्रहीत ग्रामों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की उम्मीद और मजबूत हुई।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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