कलश यात्रा में आस्था के बीच सुहाग पर वार, बांदा में लेडी चैन लुटेरा गिरोह गिरफ्तार, 08 शातिर सलाखों के पीछे

Report By : संजय साहू चित्रकूट
बांदा : धार्मिक आस्था और भक्ति के माहौल में उस समय सनसनी फैल गई, जब बाबा बागेश्वर धाम की कलश यात्रा (Kalash Yatra) के दौरान महिलाओं के सुहाग के प्रतीक मंगलसूत्र (Mangalsutra) को निशाना बनाकर शातिर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। जहां एक ओर श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ धार्मिक आयोजन में शामिल थे, वहीं दूसरी ओर भीड़ की आड़ में सक्रिय अंतरजनपदीय चैन लुटेरा गिरोह (Inter District Snatching Gang) महिलाओं के गहनों पर डाका डाल रहा था। हालांकि कोतवाली नगर पुलिस (Kotwali Nagar Police) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह गिरोह अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 02 पुरुष और 06 महिलाओं समेत कुल 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 07 मंगलसूत्र, 01 पीली धातु की जंजीर (Yellow Metal Chain) और वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार (Ertiga Car) भी बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता था और विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों (Religious Events) को अपना आसान निशाना बनाता था।
घटना 15 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, जब रामलीला मैदान और रायफल क्लब मैदान क्षेत्र में कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान भारी भीड़ मौजूद थी और श्रद्धालु एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ रहे थे। अचानक कई महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र टूटने या गायब होने की शिकायत की। कुछ ही पलों में माहौल में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन तब तक शातिर अपराधी भीड़ में ऐसे घुल-मिल गए जैसे कुछ हुआ ही न हो। महिलाएं जब तक कुछ समझ पातीं, तब तक उनका सुहाग लुट चुका था।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह एक ‘लेडी गैंग’ (Lady Gang) थी, जिसकी महिलाएं खुद को श्रद्धालु बताकर भीड़ में शामिल होती थीं। मौका मिलते ही वे जानबूझकर धक्का देतीं, टप्पेबाजी (Pickpocket Style Snatching) करतीं और पल भर में मंगलसूत्र या चैन गायब कर देती थीं। गिरोह के पुरुष सदस्य पास में ही अर्टिगा कार में मौजूद रहते थे, जो वारदात के बाद तुरंत फरारी (Quick Escape) में मदद करते थे।
लगातार मिल रही शिकायतों और घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर पुलिस ने मुखबिर तंत्र (Informer Network) को सक्रिय किया। पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध गिरोह अतर्रा रोड बाइपास (Atarra Road Bypass) की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर जाल बिछाया और एक झटके में पूरे गिरोह को रंगे हाथों दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिससे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह केवल बांदा ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी धार्मिक यात्राओं, मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में वारदात करता रहा है। अलग-अलग जनपदों के रहने वाले आरोपियों से यह साफ हो गया है कि यह एक अंतरजनपदीय नेटवर्क (Inter District Network) है। सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद जहां क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, वहीं महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पुलिस की तत्परता पर राहत की सांस ली है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बड़े आयोजन में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि आस्था के आयोजनों को अपराध का अड्डा बनने से रोका जा सके।





