नर सेवा ही नारायण सेवा कंबल वितरण से मानवता का संदेश

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद
आरा: नर सेवा नारायण सेवा से ही मानव जीवन सफल होता है—इसी भाव को चरितार्थ करते हुए संत श्री आसाराम जी बापू आश्रम द्वारा प्रेरित श्री योग वेदांत सेवा समिति, आरा की ओर से अमावस्या के पावन अवसर पर एक सराहनीय सेवा कार्य किया गया। समिति द्वारा जगदीशपुर पूर्वी आयर गांव में अत्यंत निर्धन, विकलांग एवं असहाय लोगों के बीच सैकड़ों कंबलों का वितरण किया गया।
कड़ाके की ठंड में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और संतोष स्पष्ट रूप से देखा गया। समिति द्वारा यह सेवा कार्य बीते कई वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। ठंड के मौसम में असलम बस्ती सहित आरा शहर एवं आसपास के इलाकों में रहने वाले निर्धन, बेसहारा और असहाय लोगों तक पहुंचकर कंबल वितरण किया जाता है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो।
संत श्री आसाराम जी बापू द्वारा प्रेरित यह संस्था “सबका मंगल, सबका भला” की भावना के साथ समाज सेवा में निरंतर सक्रिय है। समिति द्वारा समय-समय पर वस्त्र वितरण, शरबत वितरण, कंबल वितरण एवं अनाज वितरण जैसे जनहितकारी कार्य किए जाते रहे हैं, जो मानव सेवा की सच्ची मिसाल हैं।
इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष ठाकुर जी एवं सचिव श्री चन्द्र किशोर मिश्रा ने कहा कि मानव ही मानव की सेवा कर सकता है और नर की सेवा ही साक्षात नारायण की सेवा है। उन्होंने बताया कि समिति के सभी सदस्य मिलकर यह सेवा कार्य पूरी निःस्वार्थ भावना से करते हैं और हर वर्ष इसी प्रकार जरूरतमंदों के बीच सहायता पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
वहीं समिति के सदस्य दिव्यांशु मिश्र ने बताया कि अब तक लगभग 100 कंबलों का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही रात्रि पहर में रिक्शा चालकों और फुटपाथ पर सोने वाले लोगों तक भी कंबल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज भी कई ऐसे निर्धन लोग हैं जो ठंड के दिनों में प्लास्टिक ओढ़कर रात बिताने को मजबूर हैं। बढ़ती ठंड को देखते हुए समिति आने वाले दिनों में अन्य स्थानों पर भी कंबल वितरण का कार्य करेगी।
इस सेवा कार्य में चन्द्र किशोर मिश्रा, ठाकुर जी, तेगा जी, रवि शंकर सहित समिति के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखते हैं और जरूरतमंदों को संबल प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर समिति के सदस्यों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी तरह मानवता की सेवा करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी रखा जाएगा।





