पातेपुर में निशुल्क कंबल वितरण एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन

संवाददाता: मृत्युंजय ठाकुर
वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड अंतर्गत पुरानी दुर्गा स्थान के समीप बिहार प्रोग्रेसिव को-ऑपरेटिव एसोसिएशन के तत्वावधान में निशुल्क कंबल वितरण एवं चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस जनकल्याणकारी कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस सामाजिक कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग (NHRJC), बिहार के इंचार्ज चंद्र मोहन कुशवाहा ने किया। उन्होंने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया और चिकित्सा शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयोजन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि लाभार्थियों को सम्मानपूर्वक सहायता मिले और किसी को भी असुविधा न हो।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला महामंत्री राजू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं चिकित्सा शिविर में रौशन कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, हरेंद्र मांझी, पंडित विकास मिश्रा (RSS संयोजक), पीयूष सहित अन्य समाजसेवियों ने अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सकीय टीम द्वारा लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्र मोहन कुशवाहा ने कहा कि समाज के गरीब और कमजोर वर्गों की सेवा करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और इसी भावना के साथ वे लगातार समाज हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे बिहार के माननीय उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।
चंद्र मोहन कुशवाहा ने जानकारी दी कि बीते माह लगभग 250 जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया था, जबकि पिछले वर्ष करीब 500 गरीब परिवारों को कंबल उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका सामाजिक कार्य पूरी तरह राजनीति से दूर रहकर किया जाता है और इसका उद्देश्य केवल जरूरतमंदों की मदद करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में वे और अधिक जिम्मेदारी के साथ समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय पहल के लिए आयोजकों और सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के कार्यक्रमों से न सिर्फ जरूरतमंदों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदना की भावना भी मजबूत होती है। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी तरह के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।





