भोजपुर में घाघा पंचायत के मुखिया को जान से मारने की धमकी

रिपोर्ट: तारकेश्वर प्रसाद
बिहार के भोजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिहिया प्रखंड अंतर्गत घाघा पंचायत के मुखिया कामता यादव को जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घाघा पंचायत के मुखिया कामता यादव ने इस पूरे मामले को लेकर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से जिले के वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया है। वीडियो में मुखिया ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और उनके निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़ की गई है।
मुखिया कामता यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह अपनी खरीदी हुई जमीन पर मकान का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान दर्जनों की संख्या में कुछ लोग वहां पहुंचे और जमीन को अपनी बताते हुए हंगामा करने लगे। मुखिया का आरोप है कि जिन लोगों ने हंगामा किया, उनका उस जमीन से कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने गाली-गलौज की, निर्माण कार्य में बाधा डाली और जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
हालांकि, इस मामले में दूसरी ओर से भी आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। मुखिया के विरोधी पक्ष का कहना है कि कामता यादव ने अपनी हैसियत का दुरुपयोग करते हुए कम जमीन खरीदकर उससे अधिक क्षेत्रफल पर कब्जा कर लिया है। उनका दावा है कि जमीन पर मुखिया द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है और इसी कारण उन्होंने प्रशासन से शिकायत की है।
वहीं मुखिया कामता यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विवादित जमीन उन्होंने विधिवत रूप से जमीन के वास्तविक मालिक से खरीदी है। उनके अनुसार, जमीन का म्यूटेशन हो चुका है और नियमित रूप से रसीद भी कट रही है। मुखिया का कहना है कि उनका विरोधी किसी अन्य व्यक्ति से कागजात बनवाकर जबरन जमीन पर अधिकार जताने की कोशिश कर रहा है।
इस विवाद के बाद मुखिया के विरोधी पक्ष ने मीडिया के माध्यम से यह भी बताया कि उन्होंने अंचलाधिकारी (सीओ) और स्थानीय थाना में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
इधर मुखिया कामता यादव का आरोप है कि प्रशासनिक प्रक्रिया की आड़ में कुछ लोग लगातार उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़ करना, गाली-गलौज करना और जान से मारने की धमकी देना गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।





