उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में धान किसानों की समृद्धि, 59 दिन में 1.39 लाख किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में प्रदेश के धान (Paddy) किसानों की समृद्धि (Farmer Prosperity) को नई दिशा मिल रही है। वर्ष 2025-26 के धान खरीद सत्र (Paddy Procurement Season) में योगी सरकार ने “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” (Prosperous Farmer, Empowered UP) की परिकल्पना को वास्तविकता में बदलते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। 28 नवंबर तक प्रदेश में 59 दिन के भीतर 1.39 लाख से अधिक किसानों (Farmers) से 8.28 लाख मीट्रिक टन (Metric Ton) से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। यह उपलब्धि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price – MSP) पर उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए की गई सरकार की लगातार प्रयासरत नीतियों (Policy Initiatives) का परिणाम है।

धान की खरीद प्रक्रिया (Procurement Process) को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए 5.44 लाख से अधिक किसानों (Registered Farmers) ने पंजीकरण कराया और प्रदेशभर में 4225 क्रय केंद्र (Procurement Centers) स्थापित किए गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से चल रही धान खरीद (Paddy Procurement) किसानों का उत्साह बढ़ाने में सक्षम रही है। इस योजना से जहां किसानों को वित्तीय सुरक्षा (Financial Security) और समय पर भुगतान (Timely Payment) का लाभ मिल रहा है, वहीं मंडी (Mandi) व्यवस्था में पारदर्शिता (Transparency) और प्रतिस्पर्धा (Competition) भी सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर धान खरीद का हर चरण खाद्य और रसद विभाग (Food and Logistics Department) द्वारा मॉनीटर किया जा रहा है ताकि किसानों (Farmers) को किसी प्रकार की परेशानी (Hassle-Free Experience) न हो। क्रय केंद्रों पर किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान (Payment Within 48 Hours) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी आमदनी (Income) में स्थिरता और विश्वास (Trust) बना रहता है।

आंकड़ों (Data) के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ संभाग के जनपदों में 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू हुई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी और लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में 1 नवंबर से धान खरीद जारी है। इस व्यवस्था से किसानों (Farmers) को अपनी उपज (Crop) का सही मूल्य (Fair Price) प्राप्त हो रहा है।

धान की खरीद 2369 रुपये (Common) और 2389 रुपये (Grade-A) प्रति कुंतल (Per Quintal) न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। यह दर किसानों की उपज को उचित मान्यता (Fair Recognition) देने के लिए तय की गई है। योगी सरकार की इस पहल से किसानों की आमदनी (Farmer Income) में वृद्धि, वित्तीय सशक्तिकरण (Financial Empowerment) और आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) को बल मिला है।

धान खरीद में लागू तकनीकी सुधारों (Technical Reforms) और मॉडर्न प्रक्रियाओं ने इस योजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ई-पॉप मशीनों (E-PoP Machines) से बायोमीट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) के जरिए केवल पंजीकृत किसानों को ही खरीद की सुविधा (Authorized Procurement) मिल रही है। इस प्रक्रिया से बिचौलियों (Middlemen) की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को सीधे लाभ (Direct Benefit) मिल रहा है।

योगी सरकार ने रिकॉर्ड स्तर (Record-Level Procurement) की खरीद के साथ राइस मिलों (Rice Mills) को भी राहत दी है। इस पहल से प्रदेश में धान उत्पादन और विपणन (Rice Marketing) प्रक्रिया में दक्षता (Efficiency) बढ़ी है। साथ ही, किसानों के विश्वास (Farmer Confidence) और संतुष्टि (Satisfaction) में भी वृद्धि हुई है।

धान खरीद के सफल संचालन से प्रदेश में कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) की स्थिरता (Stability) बढ़ी है और किसानों को अपने भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) प्राप्त हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने समय-समय पर क्रय केंद्रों (Procurement Centers) का निरीक्षण (Inspection) किया और सुनिश्चित किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ किसानों की उपज (Farmer Crops) का उचित मूल्य (Fair Price) उन्हें मिले।

इस योजना (Procurement Scheme) के माध्यम से सरकार ने किसानों की आमदनी (Farmer Income) में सुधार के साथ-साथ उनके जीवन स्तर (Standard of Living) में भी सुधार किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की बिक्री ने किसानों को आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) और वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) प्रदान की है।

4225 क्रय केंद्र (Procurement Centers) की स्थापना और 5.44 लाख से अधिक किसानों के पंजीकरण ने धान खरीद प्रक्रिया (Procurement Process) को प्रदेश के हर हिस्से में सुलभ (Accessible) और पारदर्शी (Transparent) बनाया है। इस प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक (Modern Technology) का उपयोग करके भुगतान (Payment), रजिस्ट्रेशन (Registration) और निगरानी (Monitoring) में सुधार किया गया।

धान खरीद में यूपी सरकार की यह पहल किसानों (Farmers) के लिए आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) का मॉडल बन चुकी है। इससे किसानों को अपने उत्पाद (Produce) का उचित मूल्य (Fair Price) मिलने के साथ-साथ मंडियों (Mandis) में पारदर्शिता (Transparency) और दक्षता (Efficiency) सुनिश्चित हुई है।

योजना के माध्यम से प्रदेश में धान खरीद (Paddy Procurement) न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने का साधन बनी है, बल्कि यह प्रदेश की खाद्य सुरक्षा (Food Security) को भी मजबूत कर रही है। कृषि उत्पादन (Agricultural Output) को उचित मूल्य पर खरीदने से किसानों में विश्वास (Trust) बढ़ा है और वे अपनी उपज (Crops) की बिक्री के लिए उत्साहित हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में धान खरीद प्रणाली (Paddy Procurement System) को और अधिक सुदृढ़ (Strengthened) करने के लिए समय-समय पर निगरानी (Monitoring) जारी रहेगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सभी क्रय केंद्र (Procurement Centers) नियमित रूप से निरीक्षण के अधीन हैं।

योजना की सफलता ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” (Prosperous Farmer, Empowered UP) की अवधारणा केवल नारा नहीं, बल्कि वास्तविकता में बदल रही है। 8.28 लाख मीट्रिक टन (Metric Ton) से अधिक धान की खरीद और 1.39 लाख से अधिक किसानों (Farmers) के लाभ से प्रदेश में कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) को नई दिशा मिली है।

धान की खरीद के सफल संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) में भी मजबूती आई है। राइस मिलों (Rice Mills) को उत्पादन के लिए समय पर धान (Paddy Supply) प्राप्त हो रहा है, जिससे उद्योगों (Industries) की गतिविधि बढ़ी और रोजगार (Employment) के अवसर सृजित हुए। साथ ही, किसानों की वित्तीय स्थिति (Financial Condition) और आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) में सुधार हुआ है।

इस योजना से प्राप्त अनुभव और सुधारों (Learnings and Reforms) को आगामी वर्षों में भी लागू किया जाएगा, ताकि प्रदेश के सभी किसानों (All Farmers) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सुविधाओं (Benefits) का लाभ मिले। योगी सरकार की यह पहल देशभर के लिए एक प्रेरक मॉडल (Model) के रूप में स्थापित हो चुकी है।

धान खरीद की इस प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, पारदर्शिता (Transparency), समय पर भुगतान (Timely Payment), और किसानों के अधिकारों (Farmer Rights) की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य प्राथमिकताएं रही हैं। इससे किसानों में संतोष (Satisfaction) और विश्वास (Trust) का स्तर बढ़ा है।

संक्षेप में कहा जाए तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में धान किसानों की समृद्धि (Prosperity of Paddy Farmers), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP Benefits), पारदर्शिता (Transparency), और रोजगार सृजन (Job Creation) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह उपलब्धि “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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