बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार देगी पूरी आर्थिक सहायता: जनता दर्शन में CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा आश्वासन , हर जरूरतमंद को मिलेगी मेडिकल फंडिंग

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों को अभूतपूर्व भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी जरूरतमंद को इलाज के लिए धन की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा और चाहे इलाज कितना भी महंगा क्यों न हो, उसकी पूरी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (CM Discretionary Fund) से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बीमारी के सामने आर्थिक संकट के आगे हार न मानें, बल्कि निःसंकोच उच्चीकृत Hospitals (अस्पतालों) में इलाज कराएं, क्योंकि इलाज के दौरान खर्च होने वाली धनराशि की व्यवस्था UP Government (उत्तर प्रदेश सरकार) द्वारा की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश अत्यंत स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी मरीज का इलाज केवल इसलिए नहीं रुकना चाहिए कि घर में पैसे नहीं हैं, और सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सके।
शनिवार सुबह आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 200 लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंदिर परिसर के Mahant Digvijaynath Smriti Bhawan (महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन) के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के बीच जाकर उन्होंने मामले समझे, बात सुनी और समस्या निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र हस्तगत किए। गंभीर बीमारियों से ग्रसित कई नागरिक अपनी पीड़ा के साथ आर्थिक सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे थे — इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बेरोजगार युवा और गरीब परिवार शामिल थे, जो इलाज की अत्यधिक लागत के कारण मानसिक तनाव में थे। एक बेटी अपनी बीमार मां के लिए रोते हुए आर्थिक सहायता की गुहार कर रही थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, “चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसों की व्यवस्था सरकार कराएगी।” यह वाक्य जनता दर्शन में मौजूद लगभग हर व्यक्ति के लिए भावुक राहत का क्षण था, और इससे प्रतीत हुआ कि सरकार मुश्किल समय में नागरिकों के साथ खड़ी है।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन भी नागरिकों को इलाज के लिए Financial Support (आर्थिक सहयोग) की आवश्यकता है, उनके Medical Estimates (मेडिकल दस्तावेज/लागत विवरण) की कार्यवाही बिना किसी देरी के पूरी की जाए और उसे तुरंत शासन को भेजा जाए, ताकि समय पर धनराशि जारी कर मरीजों के इलाज में तेजी आए। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता संबंधी फाइलों को लंबित रखने या अनावश्यक विलंब करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि मरीज की जान और समय दोनों अत्यंत मूल्यवान हैं। स्वास्थ्य संबंधी मामलों में संवेदनशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जरूरतमंद परिवार पहले से ही मानसिक तनाव में होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर रोगों — जैसे Cancer (कैंसर), Kidney Failure (किडनी फेल), Heart Transplant (हृदय प्रत्यारोपण), Neurosurgery (न्यूरोसर्जरी), Liver Transplant (लिवर प्रत्यारोपण), और अन्य जटिल उपचारों — में सरकार पहले भी बड़ी आर्थिक सहायता देती रही है, लेकिन अब इसे और तेज, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। यूपी सरकार की नीति स्पष्ट है कि Healthcare Accessibility (स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता) को गरीब-अमीर के भेद से मुक्त बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी समाज की प्रगति का पैमाना यह नहीं है कि कितनी बड़ी इमारतें बन रही हैं, बल्कि यह है कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति को सरकार कितनी मजबूती और संरक्षण दे रही है।
जनता दर्शन के दौरान उनका बातचीत करने का अंदाज़ पूर्णत: मानवीय और संवेदनशील रहा। उन्होंने किसी भी व्यक्ति को खड़ा नहीं रखा, बल्कि प्रत्येक नागरिक के पास स्वयं जाकर बात सुनी यह सीधे-सीधे जनता से Direct Governance (प्रत्यक्ष शासन मॉडल) की झलक थी। कई लोग आर्थिक संकट के कारण डरे और टूटे हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री की बात सुनते ही उनके चेहरों पर भरोसा लौट आया। कई परिजन जो इलाज रोक देने या अस्पताल से डिस्चार्ज कराने का सोच रहे थे, उन्हें यह विश्वास मिला कि अब इलाਜ਼ जरूर जारी रहेगा क्योंकि सरकार उनकी मदद के लिए तैयार है।
बीमारी से जुड़े मामलों के अलावा जमीन कब्जे, पारिवारिक विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने, पुलिस-प्रशासनिक अनियमितताओं जैसे मामलों के बारे में भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कहीं कोई Illegal Encroachment (अवैध कब्जा) या Dabangai (दबंगई) हो रही है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर Legal Action (कानूनी कार्रवाई) की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों को बैठाकर Dialogue (संवाद आधारित समाधान) को प्राथमिकता दी जाए, ताकि परिवार टूटे नहीं, बल्कि समाधान के साथ मजबूत बने। उन्होंने कहा कि हर पीड़ित के साथ Sensitive Behaviour (संवेदनशील रवैया) अपनाया जाना चाहिए क्योंकि समस्याओं से जूझ रहा व्यक्ति पहले से ही तनाव में होता है।
बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें दोहराईं कि इलाज कोई Financial Burden (आर्थिक बोझ) नहीं बनेगा, कि बीमारी के सामने Poverty (गरीबी) पराजित नहीं होनी चाहिए,bकि सरकार नागरिकों को मजबूरी के कारण जीवन से समझौता करने नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील सरकार का असली उद्देश्य यह होता है कि कोई भी परिवार बीमारी के कारण टूटे नहीं, और कोई भी ऐसा महसूस न करे कि मदद के लिए उसके पास कोई विकल्प नहीं है। बीमारी से लड़ते समय सरकार नागरिकों की ढाल बनकर खड़ी रहेगी, यही उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है।
जनता दर्शन के दौरान यह भी देखा गया कि अत्यधिक आर्थिक तंगी और बीमारी के दबाव के बीच जी रहे लोग, मुख्यमंत्री की बातों से प्रेरित और मजबूत महसूस कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने कहा “इलाज कराओ, सरकार पैसे देगी”, सभागार में बैठे लोगों के चेहरों पर आशा और राहत स्पष्ट दिखाई दी। यह भरोसा कि सरकार सिर्फ घोषणा नहीं करती, बल्कि धरातल पर सहयोग प्रदान करती है , जनसामान्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार कल्याणकारी योजनाओं को सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि जरूरतमंदों तक पहुंचाना ही असली सफलता है। उन्होंने कहा कि Patient Welfare (मरीजों का हित) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, और स्वास्थ्य सेवा कोई विशेषाधिकारी सुविधा नहीं बल्कि Citizen Right (नागरिक अधिकार) है।
इस जनता दर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को केवल फाइलों में दर्ज नहीं होने देती, बल्कि सीधे सुनी और सुलझाई जाती हैं। इस कार्यक्रम ने उन परिवारों में नई साहस भर दिया जो बीमारी के कारण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके थे। लोगों में यह विश्वास मजबूत हुआ कि यदि व्यक्ति के पास पैसे नहीं भी हैं, तब भी इलाज रुकना नहीं चाहिए, क्योंकि सरकार उसके साथ खड़ी है।
इस पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि Public Welfare Governance (जनहित आधारित शासन) तभी सफल कहलाता है जब नागरिक के संकट के समय उसके हाथ थामे जाएं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल, उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सहायता की दिशा में एक सशक्त, संवेदनशील और मानवीय शासन मॉडल प्रस्तुत करती है।





