गाजीपुर में साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, सभी थानों में साइबर सेल अपग्रेड, 3.33 करोड़ से अधिक की धनराशि कराई गई होल्ड

Report By : आसिफ अंसारी
गाजीपुर : उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) की प्राथमिकताओं में शामिल साइबर अपराध से बचाव (Cyber Crime Prevention) एवं त्वरित कार्यवाही को लेकर जनपद गाजीपुर में व्यापक स्तर पर ठोस कदम उठाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश (Director General of Police UP) द्वारा निर्धारित 10 महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं के अनुपालन में, पुलिस अधीक्षक जनपद गाजीपुर डॉ. ईरज राजा (Superintendent of Police Dr. Iraj Raja) के नेतृत्व में जनपद के सभी थानों को साइबर अपराध के विरुद्ध और अधिक सक्षम बनाया गया है। इसी क्रम में साइबर सेल (Cyber Cell) के सुदृढ़ीकरण और विस्तार की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा द्वारा साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जनपद के अन्य थानों पर भी साइबर सेल का गठन किया गया। प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष मानकों के अनुसार प्रत्येक साइबर सेल में प्रभारी अधिकारी (In-Charge Officer) एवं प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। साथ ही, जनपद के सभी थानों की साइबर सेल को तकनीकी रूप से अपग्रेड (Upgraded) किया गया, जिससे शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
दिनांक 01 जनवरी 2026 को इस सुदृढ़ीकरण का वर्चुअल उद्घाटन (Virtual Inauguration) किया गया, जिसमें अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन (Additional Director General, Varanasi Zone), पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र (Deputy Inspector General, Varanasi Range) एवं पुलिस अधीक्षक जनपद गाजीपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर साइबर अपराध के विरुद्ध जनपद स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
आंकड़ों के अनुसार, जनपद गाजीपुर में वर्ष 2025 के दौरान साइबर अपराध से संबंधित कुल 5012 शिकायतें (Cyber Complaints) प्राप्त हुईं। इनमें डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest), इन्वेस्टमेंट फ्रॉड (Investment Fraud), वर्क फ्रॉम होम फ्रॉड (Work From Home Fraud), शेयर मार्केट ट्रेडिंग धोखाधड़ी (Share Market Trading Scam), सोशल मीडिया से जुड़े अपराध (Social Media Crimes) सहित अन्य साइबर अपराध शामिल रहे। इन शिकायतों पर पुलिस अधीक्षक एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर / नोडल अधिकारी साइबर (Nodal Officer Cyber) के निर्देशन में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई की गई।
पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप अब तक 3222 शिकायतों का सफल निस्तारण (Disposal of Complaints) कराया जा चुका है। इसके साथ ही वर्ष 2025 में साइबर थाना (Cyber Police Station) एवं अन्य थानों पर कुल 211 साइबर अपराध से संबंधित अभियोग (FIR) पंजीकृत किए गए, जिनमें संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया। इससे साइबर अपराधियों में स्पष्ट संदेश गया है कि इस प्रकार के अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के तहत वर्ष 2025 में जनपदीय साइबर सेल, साइबर थाना एवं अन्य थानों की साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 3,33,94,186.06 रुपये (Amount Held) संदिग्ध खातों में होल्ड/लीन कराए गए। इसके अतिरिक्त 1,25,14,315 रुपये (Refund Amount) आवेदक एवं शिकायतकर्ता के पक्ष में सफलतापूर्वक अवमुक्त कराए गए, जिससे पीड़ितों को बड़ी राहत मिली।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए संदिग्ध मोबाइल फोन एवं मोबाइल नंबरों (Suspicious Mobile Numbers) की जांच कर वर्ष 2025 में कुल 1523 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक (Blocked) किया गया। यह कार्रवाई साइबर अपराध के नेटवर्क को तोड़ने और भविष्य में होने वाले अपराधों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि साइबर जागरूकता (Cyber Awareness) ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी सोच के तहत जनपद गाजीपुर में सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों (Schools), महाविद्यालयों (Colleges) एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लोकगीत, नुक्कड़ नाटक (Street Play), बैनर और हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Model Campaign) के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य आम जनमानस को साइबर ठगी के तरीकों से अवगत कराना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति प्रेरित करना रहा।
कुल मिलाकर, जनपद गाजीपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराध के विरुद्ध की गई यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि आम नागरिकों के डिजिटल सुरक्षा (Digital Safety) के प्रति भरोसे को भी सुदृढ़ करती है।





