भोजपुर में आपूर्ति व्यवस्था व धान अधिप्राप्ति की समीक्षा

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने एवं धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी, भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी, सदर आरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सदर अनुमंडल क्षेत्र के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) एवं ब्लॉक कोऑपरेटिव ऑफिसर (बीसीओ) उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के सुचारु संचालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर एवं निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस क्रम में राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी गई।
धान अधिप्राप्ति को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि किसानों से धान क्रय की प्रगति, निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिप्राप्ति, भुगतान की स्थिति एवं क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बारीकी से चर्चा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी न हो। साथ ही किसानों से खरीदे गए धान का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसानों को आर्थिक संकट से बचाया जा सके।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि यदि किसानों को पंजीकरण, तौल, भुगतान या अन्य किसी प्रक्रिया में समस्या आती है, तो उसका त्वरित निष्पादन किया जाए। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से आम जनता तक खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में आपूर्ति व्यवस्था एवं धान अधिप्राप्ति कार्य की नियमित निगरानी करें और किसी भी समस्या की सूचना वरीय अधिकारियों को समय पर दें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े इन कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





