योगी सरकार की दिव्यांगजन सशक्तिकरण नीति को मिला नया आयाम

ब्रेल पुस्तकालय के माध्यम से दृष्टि दिव्यांगों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिव्यांगजन सशक्तिकरण नीति के तहत उत्तर प्रदेश में दृष्टि दिव्यांगों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने ब्रेल पुस्तकों का एक सुव्यवस्थित और आधुनिक ब्रेल पुस्तकालय स्थापित किया है। यह पुस्तकालय दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती के अवसर पर स्थापित यह ब्रेल पुस्तकालय दृष्टि दिव्यांगों के लिए शिक्षा का एक अनुपम उपहार है। यह पहल न केवल शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, बल्कि सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को भी सशक्त बनाती है।

इस ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के अपने ब्रेल प्रेस द्वारा प्रकाशित स्नातक (UG) एवं परास्नातक (PG) स्तर के 54 पाठ्यक्रमों पर आधारित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप 4,000 अकादमिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। ये पुस्तकें दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

इसके साथ ही पुस्तकालय में 150 से अधिक पाठकों की क्षमता वाला एक विशाल वाचनालय (Reading Room) भी विकसित किया गया है, जो अध्ययन के लिए शांत, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। यह सुविधा छात्रों को नियमित अध्ययन और शोध कार्य के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की नीति के तहत दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में उन्हें आधुनिक कंप्यूटर प्रशिक्षण (Computer Training) और डिजिटल कौशल प्रदान करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि वे Digital Era की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

मुख्यमंत्री की “सबको शिक्षा” की भावना के अनुरूप यह ब्रेल पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। बाहरी दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति भी सदस्यता लेकर यहां उपलब्ध शैक्षणिक और साहित्यिक संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, लखनऊ के निवासियों और विभिन्न संगठनों को भी पुस्तकालय सुविधाओं तक पहुंच मिल सकेगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ उपन्यास, नाटक और महापुरुषों की जीवनियाँ भी शामिल होंगी, जिससे दृष्टि दिव्यांग पाठकों के ज्ञान और बौद्धिक विकास को और बल मिलेगा।

इस पहल पर दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ब्रेल पुस्तकालय उनके लिए शिक्षा, सम्मान और भविष्य की नई राह है।

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