जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की ओर बढ़ता है: ब्रजेश पाठक

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ पर बोले उप मुख्यमंत्री, खेलों में बढ़ा बजट और बढ़ा खिलाड़ियों का सम्मान

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

वाराणसी : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वही देश सर्वोच्च शिखर की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने यह विचार वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि खेल केवल (Competition) नहीं, बल्कि (Character Building), (Discipline) और (National Pride) का मजबूत माध्यम है।

उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी विजेता होता है, क्योंकि खेल में भागीदारी ही (Winning Mindset) को जन्म देती है। उन्होंने खिलाड़ियों को (Sportsmanship) और (Team Spirit) के साथ खेलने की सलाह देते हुए कहा कि जीत-हार से ऊपर उठकर खेलना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। मैदान में प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन मैदान के बाहर सभी खिलाड़ी एक-दूसरे के साथी होते हैं और मिलकर नई चुनौतियों (New Challenges) के लिए तैयार रहते हैं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए नई ऊर्जा (New Energy) का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि खेलों के लिए (Budget Allocation) कई गुना बढ़ाया गया, जिससे खेल अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि (Mission Mode Development) का हिस्सा बन चुके हैं। आज खेल युवाओं के लिए एक मजबूत (Career Option) के रूप में उभरा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले खेलों के क्षेत्र में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजनों पर भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। इसके विपरीत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों में (Confidence) और (Self-Belief) भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी भी बड़ी (International Competition) से लौटने वाले खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री स्वयं संवाद करते हैं और यह संदेश देते हैं कि खिलाड़ी देश के (National Family) का हिस्सा हैं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी खेलों को प्राथमिकता देते हुए (Sports Budget) को कई गुना बढ़ाया है। मेरठ में महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर (High-Performance Training) और (Sports Education) को नई दिशा दी गई है। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को उच्च पदों पर (Direct Recruitment) की सुविधा दी जा रही है, जिससे युवाओं का खेलों के प्रति भरोसा और (Motivation) बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान (Global Identity) बना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का (Medal Tally) लगातार बढ़ रहा है, जो बदली हुई खेल नीति (Sports Policy) और मजबूत (Infrastructure) का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप से चयनित खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय टीम (National Team) का हिस्सा बनेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम लहराएंगे।

अपने संबोधन के अंत में उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे खेल को जीवन का अनुशासन (Life Discipline) बनाएं। जीत-हार से ऊपर उठकर मेहनत, ईमानदारी और समर्पण (Dedication) को अपनाएं, क्योंकि यही गुण उन्हें खेल के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाएंगे।

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