योगी सरकार चिकित्सा शिक्षा में देगी करीब 1200 नौकरियों की सौगात

वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की बड़े पैमाने पर भर्ती, नर्सिंग अधिकारियों को भी मिलेंगे नियुक्ति पत्र

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। इस पहल के तहत करीब 1200 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी (Government Job) का अवसर मिलेगा, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

योगी सरकार की योजना के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य (Assistant Professor) के 1112 पदों, आचार्य (Professor) के 44 पदों और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया लोक सेवा आयोग, प्रयागराज (UPPSC) के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस भर्ती से न केवल शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मेडिकल कॉलेजों में (Academic Quality) और (Research Culture) को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को शीघ्र भरने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार (Employment Opportunity) देना और मेडिकल एजुकेशन को राष्ट्रीय मानकों (National Standards) के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सभी पदों का अधियाचन आयोग को भेज दिया गया है और जल्द ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।

इसके साथ ही योगी सरकार नर्सिंग कैडर (Nursing Cadre) को भी सशक्त बनाने जा रही है। सरकार इस वर्ष लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला एवं पुरुष) को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) वितरित करेगी। इन नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में (Healthcare Services) को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को केवल डिग्री तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे (Quality Education), (Research) और (Practical Training) से जोड़ा जाए। बीते लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। जहां पहले मेडिकल शिक्षा कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित थी, वहीं अब लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।

नए मेडिकल कॉलेजों के सुचारु संचालन के लिए योग्य शिक्षकों, प्रोफेसरों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता है। यही कारण है कि सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की यह भर्ती भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। इन नियुक्तियों से मेडिकल छात्रों को (Better Guidance), शोध गतिविधियों को बढ़ावा और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस भर्ती प्रक्रिया से उत्तर प्रदेश को भविष्य में अधिक कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ (Health Professionals) मिलेंगे। इसका सीधा लाभ आम जनता को बेहतर इलाज और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं (Public Health Services) के रूप में मिलेगा। कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह कदम रोजगार सृजन के साथ-साथ मजबूत स्वास्थ्य ढांचे (Strong Healthcare Infrastructure) की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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