वैशाली में पुलिस की साख पर बड़ा सवाल

संवाददाता: मृत्युंजय ठाकुर

लालगंज थानाध्यक्ष ही निकला चोरी के सामान को छिपाने वाला
डीआईजी तिरहुत ने थानाध्यक्ष और दारोगा को किया निलंबित
वैशाली जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां अपराध पर लगाम लगाने वाला थानाध्यक्ष ही चोरी के सामान को छिपाने के आरोप में फंस गया। लालगंज थाना क्षेत्र में कुख्यात चोर के यहां छापेमारी के दौरान बरामद आभूषण और नकदी को जप्ती सूची में शामिल नहीं करने के मामले में डीआईजी तिरहुत क्षेत्र मुजफ्फरपुर ने सख्त कार्रवाई करते हुए लालगंज पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष संतोष कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक सुमन कुमार झा को निलंबित कर दिया है।

बीते 30 सितंबर 2025 को लालगंज थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव निवासी कुख्यात चोर रामप्रीत सहनी के घर में चोरी का सामान छिपाकर रखा गया है और चोर आपस में बंटवारे के लिए जुटे हैं। सूचना के आधार पर लालगंज थाना की टीम ने छापेमारी की, जिसका नेतृत्व स्वयं थानाध्यक्ष संतोष कुमार और अवर निरीक्षक सुमन कुमार झा कर रहे थे।

छापेमारी के बाद इस मामले में प्राथमिकी संख्या 662/25 दर्ज की गई। पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से बताया गया कि छापेमारी में 3 टीवी, 2 जिंदा कारतूस, 1 मिसफायर कारतूस तथा तांबा एवं अन्य धातुओं के बर्तन बरामद किए गए हैं।

जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी
मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया जब अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 गोपाल मंडल ने पुलिस अधीक्षक वैशाली को जानकारी दी कि छापेमारी के दौरान सोने के आभूषण और नगद राशि भी बरामद हुई थी, लेकिन उसे जप्ती सूची में शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा छापेमारी की कोई वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई और न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई।

इस गंभीर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार को देखते हुए वैशाली के एसपी ललित मोहन शर्मा ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच का जिम्मा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) प्रेम सागर को सौंपा।

जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही
जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में भी थानाध्यक्ष संतोष कुमार पर मध्य प्रदेश की एक महिला के साथ ठगी और शारीरिक शोषण के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। उस मामले में स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।

इन दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए पुलिस उप-महानिरीक्षक तिरहुत क्षेत्र को कार्रवाई की अनुशंसा भेजी गई।

डीआईजी का सख्त फैसला
अतः प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के आलोक में डीआईजी तिरहुत क्षेत्र मुजफ्फरपुर ने पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष लालगंज संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं पुलिस अवर निरीक्षक सुमन कुमार झा को भी निलंबित करते हुए पुलिस लाइन हाजिर किया गया है।

आगे और कड़ी कार्रवाई के संकेत
वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून और विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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