भोजपुर में प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर के तहत बालिका को मिला नया परिवार

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

आज दिनांक 09 जनवरी 2026 को भोजपुर जिले में बाल संरक्षण एवं दत्तक ग्रहण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिलाधिकारी भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया की उपस्थिति में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (Specialised Adoption Agency), भोजपुर में आवासित एक बालिका को प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर के अंतर्गत कोलकाता, पश्चिम बंगाल से आए संभावित दत्तक अभिभावकों को सौंपा गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप विधिवत रूप से संपन्न कराई गई।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने संभावित दत्तक अभिभावकों से संवाद करते हुए बालिका की समुचित देखभाल, संरक्षण एवं पालन-पोषण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं सम्मानजनक वातावरण में बड़ा होने का अधिकार रखता है और दत्तक अभिभावकों की भूमिका उसके भविष्य निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, भोजपुर को निर्देश देते हुए कहा कि प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर अवधि के दौरान बालिका के कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास की नियमित फॉलो-अप एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बालिका की स्थिति पर CARA के मानकों के अनुसार समय-समय पर रिपोर्टिंग की जाएगी, ताकि उसके हितों की पूर्ण सुरक्षा बनी रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आमजन को भी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि जो भी इच्छुक अभिभावक दत्तक ग्रहण करना चाहते हैं, वे केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की आधिकारिक वेबसाइट cara.wcd.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, कानूनी और बच्चे के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, भोजपुर, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के कॉर्डिनेटर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह संकल्प दोहराया कि जिले में बाल संरक्षण, पुनर्वास एवं दत्तक ग्रहण की प्रक्रियाओं को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर व्यवस्था के माध्यम से बच्चों को स्थायी दत्तक ग्रहण से पूर्व पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनके मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को बेहतर आधार मिल सके। भोजपुर प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम बाल अधिकार संरक्षण एवं सामाजिक दायित्व की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।

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