कांग्रेस पूरे देश में चलाएगी 45 दिनों का मनरेगा बचाओ अभियान

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूरे देश में 45 दिनों का “मनरेगा बचाओ अभियान” चलाने का ऐलान किया है। इसी क्रम में भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा शुक्रवार, 10 जनवरी को स्थानीय पार्टी कार्यालय शहीद भवन, आरा में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
प्रेस वार्ता की अध्यक्षता भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री अशोक राम ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने प्रेस वार्ता के उद्देश्य और पृष्ठभूमि को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मज़दूर और वंचित परिवारों के लिए केवल रोज़गार की योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और आजीविका का कानूनी व संवैधानिक अधिकार है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अशोक राम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हाल के दिनों में वी-बी-जी राम कानून के माध्यम से मनरेगा के स्वरूप को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे मज़दूरों का कानूनी अधिकार समाप्त होकर मनरेगा एक ऐसी योजना बनती जा रही है, जो सरकार की कृपा पर निर्भर होगी। अशोक राम ने कहा कि यह कदम जनविरोधी, असंवैधानिक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए घातक है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है, जिसने वर्षों से लाखों परिवारों को रोज़गार सुरक्षा प्रदान की है। इस योजना को कमजोर करना गरीबों के सम्मान, स्वाभिमान और रोज़ी-रोटी पर हमला है। कांग्रेस पार्टी इस अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान “मनरेगा बचाओ अभियान” की विस्तृत रूपरेखा भी मीडिया के माध्यम से साझा की गई। जिला अध्यक्ष अशोक राम ने बताया कि अभियान के तहत 11 जनवरी को पार्टी कार्यालय में पूर्वाह्न 11:30 बजे से एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा। इसके बाद 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत प्रतिनिधियों और मनरेगा मज़दूरों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि 30 जनवरी, शहीद दिवस के अवसर पर वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। 31 जनवरी से 6 फरवरी तक ज़िला स्तर पर “मनरेगा बचाओ” प्रदर्शन आयोजित होंगे। वहीं 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव कार्यक्रम किया जाएगा। इसके बाद 16 फरवरी से 25 फरवरी तक एआईसीसी द्वारा ज़ोनल स्तर पर मेगा रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
आंदोलन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए जिला अध्यक्ष अशोक राम ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और जनआंदोलन के रूप में लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की आवाज़ गाँव की गलियों से निकलकर सड़क, सदन और संसद तक गूंजेगी, जब तक मनरेगा मज़दूरों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते।
प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने आम जनता, मनरेगा मज़दूरों, पंचायत प्रतिनिधियों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। साथ ही मीडिया से भी अनुरोध किया गया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से जनता तक पहुंचाने में सहयोग करें।
इस प्रेस वार्ता में सत्यप्रकाश राय, डॉ. अमित कुमार द्विवेदी, घनश्याम उपाध्याय, जितेन्द्र शर्मा, रतन धमालिया, सूरज प्रकाश, ब्रजेश सिंह यादव, श्रीकांत राय, डॉ. शिव प्रकाश राय, लाल बाबू गुप्ता, अरुण कुमार अरुण, अजय पासवान सहित दर्जनों कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





