ग्रामीण रोजगार को नई गारंटी: VEGRAM-C मिशन के तहत काम के दिन बढ़े, 7 दिनों में भुगतान अनिवार्य

Report By : आसिफ अंसारी

गाज़ीपुर : विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को एक नया स्वरूप देने के उद्देश्य से विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (VEGRAM-C / VB-G-RAM-G) को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अधिनियम का मूल उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल एक सामाजिक कल्याण योजना (Welfare Scheme) न मानकर, बल्कि इसे विकास से जुड़ी कानूनी गारंटी (Legal Employment Guarantee) के रूप में स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण भारत आत्मनिर्भर बन सके और विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) के दृष्टिकोण के अनुरूप आगे बढ़ सके।

VB-G-RAM-G अधिनियम के तहत ग्रामीण रोजगार प्रणाली को आधुनिक (Modernized Rural Employment System) बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की पुरानी कमजोरियों को दूर करते हुए तकनीक आधारित पारदर्शिता (Technology Driven Transparency), मजबूत जवाबदेही (Accountability) और दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन (Long-Term Rural Productivity) को केंद्र में रखता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलने वाले सुनिश्चित रोजगार के दिनों को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जो लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि है।

इसके साथ ही खेतीहर (Agricultural) कार्यों के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है, जिससे कुल मिलाकर 185 दिनों की रोजगार गारंटी (Employment Guarantee) सुनिश्चित होती है। यह अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि कानूनी रूप से तय मानक अधिकार (Statutory Right) बन चुका है, जिससे ग्रामीण मजदूरों और किसानों दोनों को स्थायित्व और सुरक्षा मिलेगी। यह प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अधिनियम के अंतर्गत अनुमन्य कार्यों की संख्या को भी व्यवस्थित किया गया है। पहले जहां 260 से अधिक बिखरे हुए कार्य थे, उन्हें अब चार प्रमुख क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें जल सुरक्षा (Water Security), ग्रामीण अवसंरचना (Rural Infrastructure), आजीविका संपत्ति (Livelihood Assets) और जलवायु संरक्षण (Climate Protection) शामिल हैं। इससे न केवल कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

किसानों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए फसल की बुआई और कटाई (Sowing & Harvesting Season) के प्रमुख समय में, अधिकतम 60 दिनों तक अन्य VB-G-RAM-G कार्यों को कानूनी रूप से रोके जाने का प्रावधान किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कृषि चक्र (Agricultural Cycle) प्रभावित न हो और किसान अपनी खेती पर पूरा ध्यान दे सकें। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण मजदूरों को अतिरिक्त 60 दिनों की मजदूरी की गारंटी भी प्रदान की गई है, जिससे रोजगार और कृषि के बीच संतुलन बना रहेगा।

इस अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता (Unemployment Allowance) को भी स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार के रूप में परिभाषित किया गया है। यदि किसी ग्रामीण द्वारा काम की मांग करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी की समय-सीमा और देयता (Liability) भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था (Monitoring System) को और मजबूत करने के लिए AI आधारित धोखाधड़ी पहचान (AI-Based Fraud Detection), GPS एवं मोबाइल ट्रैकिंग (GPS/Mobile Tracking), साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन (Weekly Public Data Disclosure), वर्ष में दो अनिवार्य सामाजिक ऑडिट (Social Audit) और निरंतर समीक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र और राज्य स्तर पर स्टीयरिंग कमेटियों (Steering Committees) का गठन किया गया है, जो योजना की निरंतर निगरानी और सुधार सुनिश्चित करेंगी।

भुगतान व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां मजदूरों को भुगतान (Wage Payment) के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब VB-G-RAM-G के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के 7 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य किया गया है। यदि तय समय में भुगतान नहीं होता है, तो मजदूर को ब्याज सहित भुगतान (Interest with Payment) किया जाएगा, जिससे श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

कुल मिलाकर, VEGRAM-C अधिनियम कार्यस्थलों की गरिमा (Dignity of Work), मजबूत गांव (Strong Villages), टिकाऊ संसाधन (Sustainable Resources) और प्रभावी शासन (Effective Governance) के माध्यम से ग्रामीण आजीविका में ठोस और दीर्घकालीन परिणाम देने पर केंद्रित है। यह अधिनियम ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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