ट्रंप के ईरान पर टैरिफ का असर, क्या भारत का 1.7 अरब डॉलर का व्यापार खतरे में?
अमेरिका की नई व्यापार नीति से भारत, चीन और वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है असर

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ईरान पर प्रस्तावित टैरिफ नीति ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी है। इस नीति का सीधा असर न केवल ईरान और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर पड़ सकता है, बल्कि भारत सहित कई देशों के कारोबार पर भी इसके प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत और ईरान के बीच लगभग 1.7 अरब डॉलर (1.7 Billion Dollar) का द्विपक्षीय व्यापार होता है। ऐसे में यदि अमेरिका ईरान पर सख्त टैरिफ (Tariff) या व्यापारिक प्रतिबंध लागू करता है, तो इसका अप्रत्यक्ष दबाव भारत के निर्यात और आयात पर भी पड़ सकता है। खासकर ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और कृषि उत्पादों से जुड़े व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।
भारत ईरान से मुख्य रूप से कच्चा तेल और कुछ अन्य उत्पाद आयात करता रहा है, जबकि भारत से ईरान को चावल, चाय, दवाइयां और औद्योगिक सामान निर्यात किए जाते हैं। हालांकि बीते वर्षों में अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) के कारण यह व्यापार पहले ही प्रभावित हो चुका है, लेकिन ट्रंप की प्रस्तावित नई टैरिफ नीति से स्थिति और जटिल हो सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की यह नीति केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार (Global Trade) और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर भी पड़ेगा। भारत के साथ-साथ चीन जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
भारत सरकार की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति (Independent Foreign Policy) और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाएगा। भारत पहले भी अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच अपने आर्थिक हितों की रक्षा करता रहा है।
कुल मिलाकर, ट्रंप की ईरान नीति यदि लागू होती है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत समेत कई देशों के व्यापारिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि वैश्विक मंच पर इस मुद्दे को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है।





