गोरखपुर में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई, बिजली विभाग का टेंडर बाबू 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

गोरखपुर : भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम (Anti Corruption Team) ने गोरखपुर में एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को की गई इस कार्रवाई में बिजली विभाग (Electricity Department) के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:35 बजे की गई, जब विद्युत वितरण मंडल द्वितीय (Electricity Distribution Division-II) में तैनात टेंडर बाबू अभिषेक भारती को 5 हजार रुपये की घूस (Bribe) लेते हुए पकड़ा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी कर्मचारी अभिषेक भारती पर ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी से जमानत धनराशि यानी एफडीआर (FDR – Fixed Deposit Receipt) अवमुक्त करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। पीड़ित ठेकेदार ने इस अवैध मांग से परेशान होकर एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पहले गोपनीय जांच (Confidential Verification) कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरी रणनीति के साथ ट्रैप (Trap Operation) की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता शिव कुमार त्रिपाठी ने कार्यालय परिसर में अभिषेक भारती को रिश्वत की रकम सौंपी, वैसे ही पहले से तैनात एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद (Recovered Cash) कर ली गई, जिससे आरोप की पुष्टि हो गई।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद एंटी करप्शन टीम ने विद्युत वितरण मंडल द्वितीय स्थित आरोपी के कार्यालय को सील (Office Sealed) कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे कैंट थाना (Cantt Police Station) ले जाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कार्यालय परिसर में काफी देर तक तनाव और चर्चा का माहौल बना रहा।

एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ (Interrogation) की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही विभागीय स्तर पर भी आरोपी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई (Departmental Action) की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।

इस कार्रवाई के बाद आम जनता में संतोष और भरोसे का माहौल देखने को मिला है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई न केवल दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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