संवाद ही समाधान का संदेश भोजपुर में ‘मध्यस्थता 2.0 अभियान’ के तहत सुलह से हो रहा मामलों का निपटारा

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

आरा: न्याय तक आम लोगों की आसान, सुलभ और त्वरित पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय भोजपुर, आरा द्वारा “संवाद ही समाधान” के संदेश के साथ राष्ट्र के लिए मध्यस्थता–2.0 अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के तत्वावधान में तथा माननीय उच्च न्यायालय, पटना के निर्देश पर चलाया जा रहा है।

इस विशेष मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत समाज में लंबे समय से लंबित एवं आपसी सहमति से सुलझाए जा सकने वाले मामलों का निपटारा सुलह और समझौते के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रिया की जटिलताओं और लंबी सुनवाई से राहत मिल सके।

मध्यस्थता 2.0 अभियान के तहत सभी प्रकार के सुलहनीय आपराधिक एवं दीवानी मामलों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—

वैवाहिक विवाद से संबंधित मामले
मोटर दुर्घटना दावा (MACT) के प्रकरण
घरेलू हिंसा के मामले
चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट)
वाणिज्यिक एवं सेवा विवाद
उपभोक्ता विवाद
ऋण वसूली से जुड़े मामले
संपत्ति बंटवारा एवं पारिवारिक विवाद
भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले


शामिल हैं। इन मामलों का निपटारा मध्यस्थता केंद्र, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय आरा में आपसी सहमति के आधार पर किया जा रहा है।

क्या बोले सचिव गौतम कुमार
इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर, आरा के सचिव गौतम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करने के साथ-साथ आम जनता को त्वरित, कम खर्चीला और सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान की अवधि जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित मामलों के पक्षकारों को सूचना देने के लिए नोटिस भी निर्गत किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल का लाभ उठा सकें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों को मध्यस्थता के महत्व और लाभों से अवगत कराने के लिए विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बैनर, पोस्टर और हैंडबिल के माध्यम से जन-जन तक इस अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुँचे कि विवादों का समाधान संवाद और सहमति से भी संभव है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिनके मामले सुलह योग्य हैं, वे इस मध्यस्थता अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आपसी संवाद के माध्यम से अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करें।

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