सरकार बनाम जनता: चित्रकूट में 14 दिन तक गांव-गांव गूंजा आक्रोश, बसपा ने डीएम को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन

Report By : संजय साहू चित्रकूट

चित्रकूट : एक ओर जहां सरकार विकास (Development) और जनकल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर चित्रकूट जैसे पिछड़े और वनांचल जनपद की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। बुनियादी सुविधाओं (Basic Amenities) की कमी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार का अभाव, बिजली-पानी की समस्या और किसानों की दुर्दशा को लेकर जनपद में लंबे समय से असंतोष पनप रहा था, जो अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। इसी आक्रोश को आवाज देने के लिए बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।

14 दिसंबर से 27 दिसंबर तक चली 14 दिवसीय जन–पदयात्रा (Public Foot March) के दौरान सामने आई जमीनी सच्चाइयों के आधार पर सोमवार को बसपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चित्रकूट (District Magistrate Chitrakoot) को एक विस्तृत और चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा। इस पदयात्रा का नेतृत्व युवा बसपा नेता रोहित सिंह पटेल ने किया, जिनके साथ पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनता से सीधे संवाद करते नजर आए। इस दौरान ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों और कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर बदहाली (Ground Reality) जस की तस बनी हुई है।

पदयात्रा के दौरान इटवा डुड़ैला, बभिया, मनगवा, टिकरिया जमुनिहाई, डोड़ा माफ़ी, अमचूर नेरुआ, ददरी माफ़ी, कैलहा, रुख्मा बुजुर्ग, रुख्मा खुर्द, बड़ी मड़ैयन, कर्का पड़रिया, सेमरदहा, रामपुर तरौहा, खरोंध, सरैया सहित दर्जनों गांवों में घर-घर जाकर जनता की समस्याएं सुनी गईं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य (Health), शिक्षा (Education), बिजली (Electricity), पानी (Drinking Water), सड़क (Road), रोजगार (Employment) और सुरक्षा (Safety) जैसे बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

ज्ञापन के माध्यम से जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं (District Hospital Condition) पर गंभीर सवाल उठाए गए। सीटी-स्कैन (CT Scan), एक्स-रे (X-Ray) जैसी आवश्यक जांच सुविधाओं का अभाव, एम्बुलेंस (Ambulance) की भारी कमी और डॉक्टरों की संख्या नाकाफी होना प्रमुख मुद्दे रहे। इसके साथ ही शिक्षा संस्थानों की कमी, स्कूलों में संसाधनों का अभाव और बेरोजगारी के कारण युवाओं का पलायन (Migration) भी चिंता का विषय बताया गया। किसानों ने अन्ना पशुओं (Stray Cattle) से हो रही फसल बर्बादी, सिंचाई (Irrigation) और पेयजल व्यवस्था की विफलता को लेकर गहरा आक्रोश जताया।

ज्ञापन में नमामि गंगे परियोजना (Namami Gange Project) के नाम पर उजड़ी सड़कों, देवांगना–मारकुंडी सड़क चौड़ीकरण में लापरवाही, मारकुंडी–इटवा डुड़ैला क्षेत्र में वर्षों से लंबित विद्युत पावर हाउस (Power House), खोह रेलवे फाटक (Railway Gate) का अधूरा कार्य और गांवों में खुले कुओं से हो रही जान-माल की क्षति जैसे गंभीर मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।

इस मौके पर रोहित सिंह पटेल ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चित्रकूट को जानबूझकर उपेक्षा (Neglect) का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल खुद बीमार है, स्कूलों में सुविधाएं नहीं हैं, गांवों में बिजली गायब रहती है और रोजगार के अभाव में युवा पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने इसे विकास नहीं, बल्कि जनता के साथ अन्याय (Injustice) करार दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने अब भी आंखें नहीं खोलीं, तो जनता सड़कों पर उतरकर जवाब देगी। बरगढ़ ग्लास फैक्ट्री (Bargarh Glass Factory) को तत्काल चालू करने, स्थायी बिजली व्यवस्था, पेयजल और सिंचाई संकट के समाधान, गौशालाओं (Cow Shelter) की स्थापना, नमामि गंगे से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण और मवान बस्ती (कुसमुही मजरा) की अमानवीय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई।

इस दौरान सोनपाल वर्मा, चेतुराम वर्मा,  सुशीला वर्मा, अजय पटेल,अंकित पटेल, अमरीश पटेल, प्रभाकर पटेल हिन्द पटेल,रिंकू पटेल, सुनील पटेल, रामप्रसाद कोल,कुबेर त्यागी,मंजू प्रजापति,प्रमोद वर्मा सहित बड़ी संख्या में बसपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने स्पष्ट कहा कि अब यह लड़ाई सरकार बनाम जनता (Government vs Public) की बन चुकी है। यदि जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बहुजन समाज पार्टी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक जनआंदोलन (Mass Movement) शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनअधिकार और सामाजिक न्याय (Social Justice) की इस लड़ाई को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

Related Articles

Back to top button