सीएम योगी के संकल्प से यूपी बना डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से बदली स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की दूरदर्शी सोच, सशक्त नेतृत्व और ठोस नीतिगत निर्णयों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) आज डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर (Digital Health Infrastructure) के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, तेज और मरीज केंद्रित (Patient Centric) बनाने के लिए हेल्थ डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी हेल्थ डीपीआई (Health DPI) की मजबूत नींव रखी है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की 24 करोड़ से अधिक आबादी को मिल रहा है।
प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission – ABDM) को प्रभावी रूप से लागू कर स्वास्थ्य सेवाओं को एक सुरक्षित और इंटरऑपरेबल (Interoperable) डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अस्पताल, डॉक्टर, लैब और मरीज के बीच की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल इलाज की प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि मेडिकल डाटा का सुरक्षित आदान-प्रदान (Secure Data Exchange) भी सुनिश्चित हुआ है। डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने एआई आधारित हेल्थकेयर (AI Based Healthcare) और भविष्य की आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए भी ठोस आधार तैयार किया है।
स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में एबीडीएम को कोर हेल्थ डीपीआई लेयर (Core Health DPI Layer) के रूप में लागू किया गया है। अब तक प्रदेश में 14.52 करोड़ से अधिक आभा आईडी (ABHA ID) बनाई जा चुकी हैं, जो पूरे देश में सर्वाधिक हैं। आभा आईडी के माध्यम से नागरिकों का यूनिक डिजिटल हेल्थ अकाउंट तैयार किया गया है, जिसमें उनका संपूर्ण चिकित्सा रिकॉर्ड (Digital Health Record) सुरक्षित रहता है। इसके साथ ही प्रदेश में 70 हजार से अधिक स्वास्थ्य संगठन (Health Facilities) और 1.04 लाख से अधिक हेल्थ प्रोफेशनल्स (Health Professionals) एबीडीएम प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में अब तक 13.03 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी से लिंक किए जा चुके हैं। इससे मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है, जिससे डॉक्टर को सही और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (Hospital Information System – HIS) को डिजिटल हेल्थ बैकबोन के रूप में लागू किया गया है। वर्तमान में एनआईसी (NIC) का नेक्स्ट-जेन एचआईएस और सी-डैक (CDAC) का ई-सुश्रत सिस्टम प्रदेश भर में प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है।
प्रदेश में 15 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल एचआईएस का उपयोग कर रहे हैं, जबकि 1,171 सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से जुड़ चुके हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज (Medical Colleges), जिला अस्पताल (District Hospitals), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शामिल हैं। डिजिटल व्यवस्था से अस्पतालों की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मरीजों को लंबी कतारों और कागजी औपचारिकताओं से राहत दिलाने के लिए आभा आधारित रजिस्ट्रेशन (ABHA Based Registration) प्रणाली लागू की गई है। अब मरीज स्कैन एंड शेयर (Scan & Share) सुविधा के जरिए ओपीडी पंजीकरण कर सकते हैं। प्रदेश में लगभग 40 प्रतिशत पंजीकरण आभा आधारित हो चुके हैं, जिससे मरीज का डाटा एक बार दर्ज होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसके साथ ही ई-प्रिस्क्रिप्शन (E-Prescription) प्रणाली लागू होने से दवाओं में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। स्कैन एंड पे (Scan & Pay) और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा ने कैश लेन-देन की समस्या को भी कम किया है।
डिजिटल हेल्थ व्यवस्था के तहत लैब सेवाओं को भी आधुनिक बनाया गया है। योगी सरकार ने लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (Laboratory Information System – LIS) को एचआईएस से इंटीग्रेट कर मरीजों को बड़ी सुविधा दी है। अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कराई गई लैब जांच रिपोर्ट मरीजों को आभा आधारित पीएचआर ऐप (PHR App), एसएमएस (SMS) और वाट्सऐप (WhatsApp) के माध्यम से सीधे प्राप्त हो रही हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि इलाज में देरी की समस्या भी समाप्त हुई है। वर्तमान में प्रदेश के 1,112 स्वास्थ्य संस्थानों में एलआईएस सक्रिय है, जिनमें 126 जिला अस्पताल और 986 सीएचसी शामिल हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने डिजिटल हेल्थ डीपीआई के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन चुकी है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक बनाकर योगी सरकार ने आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।





