डोडा हादसे में शहीद जवान हरेराम कुंवर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, 11 वर्षीय बेटे प्रियांशु ने दी मुखाग्नि

संवाददाता : तारकेश्वर प्रसाद

आरा : जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के डोडा (Doda) जिले में हुए दर्दनाक हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना (Indian Army) के जवान हरेराम कुंवर (38) का भोजपुर जिले के महुली घाट (Mahuli Ghat) पर पूरे राजकीय सम्मान (State Honour) के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जवान की अंतिम यात्रा के दौरान पूरा इलाका देशभक्ति और शोक के भाव से सराबोर नजर आया। इस हृदय विदारक मौके पर शहीद के बड़े बेटे प्रियांशु (11) ने अपने पिता को मुखाग्नि (Last Rites) दी, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

अंतिम संस्कार से पहले शहीद हरेराम कुंवर के पार्थिव शरीर (Mortal Remains) को तिरंगे (Tricolour) में लपेटकर महुली घाट लाया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहे। प्रियांशु ने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित (Floral Tribute) कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आया, लेकिन अपने पिता की शहादत पर गर्व भी उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था।

शहीद के पिता ने भी अपने बेटे के पार्थिव शरीर को नमन करते हुए नम आंखों से अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, शहीद के छोटे बेटे आदर्श (8) ने अपने पिता को सैल्यूट (Salute) कर अंतिम विदाई दी। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े। घाट पर सेना की टुकड़ी (Army Contingent) द्वारा शहीद जवान को आखिरी सलामी (Last Salute) दी गई और बंदूकों से हवाई फायर (Gun Salute) कर उन्हें सम्मान दिया गया।

हालांकि, शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जिले से कोई विधायक (MLA), मंत्री (Minister) या प्रमुख राजनीतिक नेता मौके पर नहीं पहुंचे, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई। बावजूद इसके, आम नागरिकों की भारी भीड़ ने शहीद परिवार के साथ खड़े होकर यह संदेश दिया कि देश अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलता।

मुखाग्नि देने के बाद बड़े बेटे प्रियांशु ने भावुक शब्दों में कहा कि उनके पिता हमेशा उन्हें खूब पढ़ाई करने और एक बड़े ऑफिसर (Officer) बनने की सीख देते थे। प्रियांशु ने बताया कि जब उनके पिता पिछली बार छुट्टी पर घर आए थे, तभी उनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी। बेटे के इन शब्दों ने वहां मौजूद लोगों को भीतर तक झकझोर दिया और शहीद परिवार के दर्द को और गहरा कर दिया।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार दोपहर एक ऑपरेशन (Operation) के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी (Bulletproof Casper Vehicle) अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई (Deep Gorge) में गिर गई थी। इस भीषण हादसे में भोजपुर जिले के रहने वाले जवान हरेराम कुंवर सहित कुल 10 जवान शहीद हो गए थे। इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर (Wave of Mourning) दौड़ गई थी।

शहीद हरेराम कुंवर की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान हर परिस्थिति में अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार रहते हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा (Inspiration) बना रहेगा और उनका नाम देश के वीर सपूतों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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