शहीद के बड़े बेटे प्रियांशु ने दी पिता को मुखाग्नि नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद
आरा: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में देश सेवा के दौरान शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर (38) का अंतिम संस्कार भोजपुर जिले के महुली घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। शहीद के बड़े बेटे प्रियांशु (11 वर्ष) ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जबकि घाट पर मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम संस्कार से पहले प्रियांशु ने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पिता की शहादत के ग़म के बावजूद बेटे के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। वहीं शहीद के पिता ने भी अपने बेटे को अंतिम बार श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी वीरता को नमन किया।
शहीद के छोटे बेटे आदर्श (8 वर्ष) ने अपने पिता को सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी। मासूम बेटे का यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। सेना की ओर से शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और आखिरी सलामी के साथ उन्हें नमन किया गया।
घाट पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, स्थानीय नागरिक और शहीद के प्रशंसक मौजूद रहे। लोगों ने “भारत माता की जय” और “शहीद हरेराम अमर रहें” के नारों के साथ अपने वीर सपूत को विदाई दी। पूरा इलाका देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
हालांकि, शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जिले से कोई विधायक, मंत्री या राजनीतिक प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचे, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी से सम्मान मिलना चाहिए।
मुखाग्नि देने के बाद बड़े बेटे प्रियांशु ने भावुक होते हुए कहा,
“पापा हमेशा कहते थे कि खूब पढ़ो और एक बड़े ऑफिसर बनो। पिछली बार जब वे छुट्टी पर आए थे, तब उनसे आखिरी बार बात हुई थी।”
बेटे के ये शब्द वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गए।
गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक ऑपरेशन के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस दर्दनाक हादसे में भोजपुर के जवान हरेराम कुंवर सहित कुल 10 जवान शहीद हो गए थे।
शहीद हरेराम कुंवर की शहादत ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले को शोक में डुबो दिया है। उनकी वीरता और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।





