आयुष हत्याकांड से दहला चित्रकूट, मासूम की निर्मम हत्या पर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, ‘हत्यारों को फांसी’ की गूंज

Report By : संजय साहू चित्रकूट

चित्रकूट : 13 वर्षीय मासूम आयुष (Ayush) की निर्मम हत्या ने पूरे चित्रकूट जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड (Murder Case) के बाद आम जनमानस का आक्रोश सड़कों पर साफ नजर आया। रविवार की शाम चित्रकूट शहर की फिजा उस वक्त गुस्से, दर्द और इंसाफ की मांग से भर गई, जब हजारों की संख्या में लोग हाथों में जलती मोमबत्तियां (Candles) लेकर सड़कों पर उतर आए। यह कैंडल मार्च (Candle March) शहीद स्मारक एलआईसी तिराहा से शुरू होकर धुनुष चौराहा तक पहुंचा, जहां लोगों ने एकजुट होकर हत्यारों के खिलाफ नारेबाजी की।

मार्च के दौरान “आयुष को न्याय दो” (Justice for Ayush) और “हत्यारों को फांसी दो” (Hang the Killers) जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन में समाजसेवी (Social Workers), व्यापारी वर्ग (Traders), युवा (Youth) और महिलाएं (Women) बड़ी संख्या में शामिल रहीं। हर चेहरे पर गुस्सा और आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। लोगों का कहना था कि आयुष की हत्या केवल एक बच्चे की हत्या नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता (Humanity) पर हमला है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन (Administration) से इस हत्याकांड की निष्पक्ष (Fair) और तेज जांच (Fast Investigation) कराने की मांग की। साथ ही दोषियों को ऐसी सख्त सजा (Strict Punishment) देने की मांग उठाई गई, जो भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगा सके। लोगों का कहना था कि यदि अपराधियों को कठोरतम दंड नहीं दिया गया, तो आम नागरिकों का कानून व्यवस्था (Law and Order) से भरोसा उठ जाएगा। कैंडल मार्च के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल (Police Force) और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे।

इस कैंडल मार्च का नेतृत्व समाजसेवी प्रिंस केसरवानी (Prince Kesarwani) ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह घटना पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाली है और यदि हत्यारों को न्याय के कठघरे तक पहुंचाकर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो यह आंदोलन (Public Movement) और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल आयुष के लिए नहीं, बल्कि हर उस बच्चे की सुरक्षा के लिए है, जो समाज में असुरक्षित महसूस कर रहा है। इस मार्च में राकेश केसरवानी, सुरेश मिश्रा, दिनेश केसरवानी, अमित गुप्ता, राजेश, मनीष और रामबाबू गुप्ता सहित कई प्रमुख लोग शामिल रहे।

इसी बीच बरगढ़ कस्बे (Barhgarh Town) में भी आक्रोश देखने को मिला। वहां के व्यापारियों (Business Community) ने अपनी दुकानें बंद रखीं और अलग से कैंडल मार्च निकालकर आयुष को श्रद्धांजलि (Tribute) दी। व्यापारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और दोषियों को सजा दिलाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

पुलिस कार्रवाई (Police Action) की बात करें तो आयुष हत्याकांड के मुख्य आरोपी कल्लू को पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) में मार गिराया गया है, जबकि दूसरे आरोपी इरफान के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार इलाज के बाद देर रात न्यायालय (Court) के आदेश पर उसे जिला जेल कारागार (District Jail) भेज दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी।

कुल मिलाकर, आयुष हत्याकांड ने चित्रकूट में जनाक्रोश की लहर पैदा कर दी है। लोग एक स्वर में मासूम को न्याय दिलाने और अपराधियों को कठोर सजा देने की मांग कर रहे हैं। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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