महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

कोटद्वार: महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के नजीबाबाद रोड स्थित महाराजा वेडिंग प्वाइंट में आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने महिलाओं की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, महापौर शैलेंद्र रावत और कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति से ही एक समृद्ध और विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं की समाज में अहम भूमिका है और उनका उत्थान हमारे समाज के हर पहलू में जरूरी है। महिलाएं केवल घर की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज के विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
अध्यक्ष खण्डूडी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए समूहों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि 365 दिन होना चाहिए, क्योंकि महिलाएं जीवन की जननी हैं और उनका आदर हर दिन होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और कोटद्वार महापौर शैलेंद्र रावत ने महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग कार्यक्रम का आनंद लिया। साथ ही, उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें से कुछ महिलाएं अपने कठिन संघर्ष के बावजूद समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। इनमें भागीरथी देवरानी शामिल हैं, जो कई वर्षों से राजकीय अस्पताल कोटद्वार के बाहर चाय की छोटी दुकान लगाकर अपना घर चला रही हैं। इसके अलावा, सुमन खंतवाल और अनीता कंडवाल आटा चक्की चला कर अपने परिवार का पालन पोषण करती हैं। हेमा नेगी आठ वर्षों से बस चला रही हैं और नीतू जी ई-रिक्शा चला कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इन महिलाओं को सम्मानित करते हुए कहा कि ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि समाज में भी एक प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने कहा, “इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि अगर महिलाएं चाहें तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। इनका संघर्ष समाज को यह संदेश देता है कि महिलाएं घर को ही नहीं, बल्कि देश को भी चला सकती हैं।”
ऋतु खण्डूडी ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन गरीब और संघर्षशील महिलाओं को सम्मानित करना है, जो समाज में कभी वह सम्मान नहीं प्राप्त कर पाई थीं, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, “समाज में आमतौर पर डॉक्टर, अध्यापक जैसे पेशेवरों को सम्मानित किया जाता है, लेकिन इस कार्यक्रम में उन महिलाओं को सम्मानित किया गया है जिन्होंने कठिनाईयों का सामना कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण किया है।”
इस सम्मान समारोह में अन्य प्रमुख उपस्थित लोग थे – सुमन कोटनाला, इफको के निदेशक उमेश त्रिपाठी, प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला, अनीता आर्य, सुनीता कोटनाला, मानेश्वरी बिष्ट, ऊषा थपलियाल, उर्मिला कंडारी, सोनिया असवाल और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति।
महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी काम को करने में सक्षम हैं और अगर उन्हें अवसर मिले, तो वे समाज में बदलाव ला सकती हैं।