विद्यार्थी परिषद का विरोध, आरा सांसद सुदामा प्रसाद का पुतला दहन

Report By : तारकेश्वर प्रसाद
आरा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आरा नगर इकाई ने सांसद सुदामा प्रसाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला दहन किया। यह विरोध आरा जंक्शन का नाम बदलने की अनुशंसा के खिलाफ किया गया। सांसद ने हाल ही में लोकसभा में प्रस्ताव रखा था कि आरा जंक्शन का नाम बदलकर कॉ. राम नरेश राम किया जाए। इस प्रस्ताव के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी विरोध देखा जा रहा है।
विद्यार्थी परिषद का विरोध क्यों?
विद्यार्थी परिषद के अनुसार, आरा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत बड़ा है। यह शहर माँ आर्यन देवी, स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह और महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह से जुड़ा हुआ है। परिषद का मानना है कि आरा का नाम बदलने से इसके इतिहास और पहचान को नुकसान पहुंचेगा। परिषद के प्रदेश मंत्री सुमित सिंह (छोटू सिंह) ने कहा कि आरा के नाम को बदलने का अधिकार किसी सांसद को नहीं है और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।

त्रिभुआनी कोठी मोड़ पर हुआ प्रदर्शन
परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता त्रिभुआनी कोठी मोड़ पर एकत्र हुए और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने “सांसद सुदामा प्रसाद मुर्दाबाद”, “आरा का नाम बदलना बंद करो”, “आरा की जनता अपमान सहन नहीं करेगी” जैसे नारे लगाए। इसके बाद सांसद का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।
आंदोलन और चेतावनी
परिषद के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सांसद सुदामा प्रसाद अपनी अनुशंसा वापस नहीं लेते, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। परिषद के नेता चंदन तिवारी ने कहा कि सांसद का यह कदम जनभावनाओं का अपमान है और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सांसद अपनी अनुशंसा वापस नहीं लेते, तो विद्यार्थी परिषद सड़क से संसद तक विरोध करेगी।
जनता में भी नाराजगी
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि आरा का नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं है। यह शहर इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा हुआ है और इसे बदलना इसकी विरासत से खिलवाड़ करने जैसा होगा। लोग मानते हैं कि यह फैसला राजनीतिक मकसद से लिया जा रहा है, लेकिन जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संयोजक अनूप सिंह ने किया। प्रदर्शन में विभाग संयोजक ऋतुराज चौधरी, सह मंत्री राहुल कुमार, आदर्श सिंह, राजन कुमार, सुधांशु कुमार, हैप्पी, रोहित नरेश, विक्रांत, विष्णु, निशांत, राहुल कुमार, चंदन सिंह, शशि रंजन समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
क्या आगे होगा?
विद्यार्थी परिषद ने साफ कर दिया है कि यदि सांसद अपनी अनुशंसा वापस नहीं लेते, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। परिषद ने कहा कि वे जनता और युवाओं को साथ लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे। अगर यह मांग पूरी नहीं होती, तो विरोध और तेज होगा। अब यह देखना होगा कि सांसद इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और सरकार इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेती है।