नीतीश कुमार ने किया राष्ट्रगान का अपमान, प्रशांत किशोर ने उठाए मानसिक स्थिति पर सवाल

Report By : मृत्युंजय कुमार
हाजीपुर : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रगान के अपमान का मामला तूल पकड़ चुका है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने न केवल नीतीश कुमार की आलोचना की, बल्कि उनकी मानसिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रशांत किशोर शनिवार को जन सुराज उद्घोष यात्रा के तहत हाजीपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बीते कुछ वर्षों से नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज अभियान के तहत वे लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति की जांच कराई जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट बिहार की जनता के सामने रखी जाए।
नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री अब शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुके हैं। वे सरकार चलाने और बड़े फैसले लेने में अक्षम हो चुके हैं। कल पटना में जो हुआ, वह इस बात का प्रमाण है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश का राष्ट्रगान सम्मान का प्रतीक है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार खुद इसका अपमान कर रहे हैं। यह केवल बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।
पीएम मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने न सिर्फ नीतीश कुमार पर सवाल उठाए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी इस मुद्दे में घसीट लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी और अमित शाह भी इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें मुख्यमंत्री बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा, “दिल्ली की सरकार बिहार की जनता के साथ अन्याय कर रही है।”
जनता के साथ अन्याय का आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता को एक सक्षम नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन वर्तमान सरकार जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में और भी शर्मनाक घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
“ऐसी घटनाएं फिर होंगी” – प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि आने वाले दिनों में अगर नीतीश कुमार सार्वजनिक मंचों पर रहेंगे, तो ऐसी घटनाएं फिर से देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने कहा, “सरकार को अब इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का कार्यकाल अब समाप्त होने के कगार पर है।”
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद एक नई बहस छिड़ गई है। क्या वाकई नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए जाने चाहिए? या यह सिर्फ एक राजनीतिक हमला है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।