महाराजा महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का धरना प्रदर्शन

Report By : तारकेश्वर प्रसाद
आरा बिहार : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने महाराजा महाविद्यालय में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महाविद्यालय में छात्रों के साथ हो रहे अन्याय, अवैध वसूली, भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं की कमी के खिलाफ किया गया।
जिला संयोजक अनूप सिंह ने कहा कि कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों के साथ लगातार शोषण किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निखिल राज ने कहा कि महाविद्यालय में भ्रष्टाचार और सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। छात्रों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कॉलेज अध्यक्ष शशि रंजन ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय में छात्रों से अवैध वसूली की जाती है और यदि वे आवाज उठाते हैं, तो प्रोफेसर उनके नंबर काट लेते हैं। इसके अलावा, छात्राओं की समस्याओं को भी नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और इसे बदलने की जरूरत है।
धरना प्रदर्शन के दौरान परिषद के नगर मंत्री तिवारी सूर्यमणि ललन, रितिका राज, साक्षी कुमारी, सिमरन कुमारी, भारती कुमारी, कल्पना कुमारी, राज तिवारी, राहुल कुमार, हैप्पी किशोर, समीर सिंह, रितेश चौधरी, रितेश उपाध्याय, सुधांशु कुमार, बिट्टू, रोहित नरेश, विष्णु शंकर, राहुल तिवारी, विद्या निवास सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें:
1. सभी छात्रों को स्मार्ट परिचय पत्र (I-Card) दिया जाए।
2. महाविद्यालय के सभी विभागों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
3. महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया जाए।
4. क्लासरूम में पंखा और लाइट की उचित व्यवस्था की जाए और उनकी नियमित सफाई हो।
5. राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का सुचारू संचालन किया जाए।
6. छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग कॉमन रूम की व्यवस्था की जाए।
7. महाविद्यालय में मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए।
8. छात्रों की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाएं।
9. साइकिल, बाइक और कार पार्किंग की उचित व्यवस्था हो और वहां सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए।
10. पूरे महाविद्यालय परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
11. लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकों की व्यवस्था की जाए और बैठने की उचित सुविधा हो।
12. छात्रों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की जाए और वाटर कूलर लगाए जाएं।
13. प्रयोगशालाओं में आवश्यक केमिकल और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
14. पूरे महाविद्यालय में WiFi की सुविधा दी जाए, जिससे छात्र आसानी से ऑनलाइन अध्ययन कर सकें।
15. CLC चालान की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए, ताकि छात्रों को परेशानी न हो।
16. BCA कोर्स को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए और छात्रों को पूरी सुविधाएं दी जाएं।
17. शौचालय, पानी, बिजली और सफाई की बेहतर व्यवस्था की जाए।
18. खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए बाहर भेजा जाए।
19. छात्रों के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य की जाए, जिससे वे नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें।
धरना प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए प्रधानाचार्य महोदय पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर सभी प्रमुख मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। प्रधानाचार्य ने लिखित रूप से यह वादा किया कि महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा और छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
प्रधानाचार्य के आश्वासन के बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपनी सहमति जताई और धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही महाविद्यालय में की गई तालाबंदी भी समाप्त कर दी गई। परिषद ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे और इसे और बड़े स्तर पर ले जाएंगे।