अमेठी के जिला समाज कल्याण अधिकारी और बाबू निलंबित

Report By : राजीव ओझा

उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। अमेठी जिले में रिश्वत के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल और उनके अधीन कार्यरत बाबू गोकुल प्रसाद जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है।

इस मामले की जानकारी मिलने पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अयोध्या मंडल के उप निदेशक को जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। बाबू गोकुल प्रसाद जायसवाल ने आरोप लगाया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने उनसे जबरन 40 हजार रुपये की मांग की और उनके मोबाइल से अपनी पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। उन्होंने जांच अधिकारी को इस संबंध में सबूत भी सौंपे।

वहीं, दूसरी ओर जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने भी बाबू गोकुल प्रसाद पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए। उन्होंने जांच अधिकारी को एक वीडियो सौंपा, जिसमें बाबू को रिश्वत लेते हुए दिखाया गया। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के बाद सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी हर शिकायत को गंभीरता से लेते हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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