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2014 के पहले देश की जनता में व्यवस्था के प्रति आक्रोश था, होते थे बड़े-बड़े आंदोलन: सीएम योगी

● मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केआईईटी के उपाधि वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए

● सीएम योगी ने कहा- समाधान की जगह समस्या बन गई थी 2017 के पहले की उत्तर प्रदेश सरकार

● बोले सीएम- आज जो यूपी का नहीं है वो भी खुद को उत्तर प्रदेश का बताता है

रिपोर्ट : आकाश यादव


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 के पहले देश की जनता में व्यवस्था के प्रति आक्रोश था। देश में बड़े-बड़े आंदोलन हो रहे थे। अव्यवस्था, अराजकता और सरकार के प्रति अविश्वास भारत की पहचान बन गई थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद देश की व्यवस्था में परिवर्तन आया। आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वहीं 140 करोड़ देशवासी पूरे सम्मान और विश्वास के साथ अपने नेतृत्व की तरफ देखते हैं। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश का नौजवान अपने आप को यूपी का बताने के संकोच करता था। पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न नहीं हो पाते थे। सरकार समस्या का समाधान करने की जगह खुद एक समस्या बन गई थीं। आज उत्तर प्रदेश के किसी भी नागरिक के सामने पहचान का संकट नहीं है बल्कि जो यूपी का नहीं हैं वो भी खुद को उत्तर प्रदेश का बताता है।

सीएम योगी बुधवार को कृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (केआईईटी) गाजियाबाद के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित उपाधि वितरण कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। साथ ही एक समय तक देश की आठवीं और दसवें नंबर की यूपी की अर्थव्यवस्था पहले और दूसरे नंबर की बनने की होड़ में है। आज हम नये भारत के नये उत्तर प्रदेश को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय तक जिस प्रदेश में कोई निवेशक आना नहीं चाहता था, जिन्होंने निवेश किया था वो छोड़कर जा रहे थे। मात्र साढ़े छह वर्ष में उसी उत्तर प्रदेश को ग्लोबल इन्वेटर्स समिट के माध्यम से 38 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश के एक करोड़ 10 लाख नौजवानों को प्रत्यक्ष तौर पर नौकरी मिलेगी।


सीएम योगी ने कहा कि कृषि समेत अन्य कार्यों में ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी कारगर साबित हो रही है। वहीं ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के साथ ही विभिन्न कार्यों में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस भी काफी सहायक साबित हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए हमें नये कोर्सेस को लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने समेत जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में टेक्नोलॉजी कारगर साबित हो रही है, लेकिन हमें यह ध्यान रखना है कि टेक्नोलॉजी मानव द्वारा संचालित हो। मानव उसका दास न बन जाए। सीएम योगी ने कहा कि पूरे देश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम गति शक्ति मिशन के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है। इस एक प्लेटफॉर्म पर हम सभी प्रकार की एनओसी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि

सीएम योगी ने केआईईटी की 25 वर्ष की इस शानदार यात्रा के लिए संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फार्मा पार्क में असीम संभावनाएं हैं। इस दिशा के कदम आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार फार्मा पार्क बनाने जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड में हम डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना करने जा रहे हैं। आज प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों बहुत अच्छे कार्य हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़कर कार्य करने का आह्वान किया।

सीएम ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया

कार्यक्रम में सीएम योगी ने छात्रों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कुछ छात्रों और शिक्षकाें से बात की। साथ ही उनके बनाए प्रोजेक्ट के बारे में जाना। इसके अलावा कार्यक्रम में 2022 में स्नातक पास करने वाले विभिन्न कोर्सेस के छात्रों को डिग्री दी गई। वहीं सीएम योगी ने अच्छी रैंक प्राप्त करने वाले 16 मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से डिग्री प्रदान की। इसके साथ ही सीएम योगी ने संस्थान के पूर्व छात्रों और 20 वर्ष से अधिक समय से संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तिकरण के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, पूर्व मंत्री अतुल गर्ग, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति जेपी पांडेय, केआईईटी के चेयरमैन सारिश अग्रवाल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।