बिहार दिवस पर भोजपुर का गौरवशाली उत्सव, भोजपुर डीएम ने किया उद्घाटन

रिपोर्ट तारकेश्वर प्रसाद आरा बिहार
आरा : बिहार दिवस हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, जो बिहार के गठन (1912) की याद दिलाता है। यह न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत को सम्मान देने का अवसर है, बल्कि राज्य के विकास और संभावनाओं को रेखांकित करने का भी समय है। भोजपुर जिले में यह दिन खास उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है।
भोजपुर में बिहार दिवस की धूम…
भोजपुर जिला (आरा)वीर कुंवर सिंह की धरती के रूप में प्रसिद्ध है, बिहार दिवस का अवसर पर भोजपुर डीएम तन्या सुल्तानिया ने कार्यक्रम का पदाधिकारियों और नेताओं के साथ दीप प्रज्वलित कर आगाज किया, इस अवसर पर एक नया जोश और उमंग देख रहा है। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इनमें प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएँ, ऐतिहासिक प्रदर्शनी, और सम्मान समारोह शामिल हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऐतिहासिक झलकियाँ..
बिहार दिवस के अवसर पर भोजपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रस्तुत किया गया। लोकगीत, नृत्य, नाटक और वीर कुंवर सिंह से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को मंचित किया गया। युवा प्रतिभाओं ने बिहार की कला और परंपराओं को जीवंत किया।

विकास की दिशा में कदम…
इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कई विकास योजनाओं की घोषणा भी की गई। भोजपुर को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, और पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नई पहलें की गईं। बिहार सरकार द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में चल रही योजनाओं का भी प्रचार-प्रसार किया गया।
नए बिहार की ओर..
बिहार दिवस केवल उत्सव का नाम नहीं है, बल्कि यह संकल्प लेने का भी दिन है कि हम अपने राज्य को और अधिक विकसित और समृद्ध बनाएँगे। भोजपुर के लोग इस दिन को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा के रूप में देखते हैं, ताकि जिला और राज्य दोनों उन्नति की राह पर आगे बढ़ सकें।
बिहार दिवस भोजपुर में केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोने और भविष्य की ओर अग्रसर होने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वीर कुंवर सिंह की इस धरती से संकल्प लिया गया कि बिहार और भोजपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।