बखोरापुर में द्वारिका सिंह की 119वीं जयंती पर भव्य समारोह, 551 लोग हुए सम्मानित

Report By : तारकेश्वर प्रसाद
बिहार के भोजपुर जिले के बखोरापुर गांव में स्वर्गीय द्वारिका सिंह जी की 119वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर बखोरापुर मंदिर प्रांगण में विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बरिसवन और बलिया की टीमों ने भी भाग लिया।
मां काली मंदिर के मंच से 551 लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर के मुख्य अतिथि होटल मौर्या के महाप्रबंधक एवं जय मां काली बखोरापुर वाली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बी. डी. सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय द्वारिका सिंह जी ने समाज में जो आदर्श स्थापित किए थे, उन्हें आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े स्तर पर इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करवाना प्रशंसा योग्य है।
कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह गोपाल ने किया। समारोह में आए सभी गणमान्य अतिथियों को माता की चुनरी, माला और प्रसाद देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का संचालन बी. डी. सिंह, सुनील सिंह एवं मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने किया।

अपने संबोधन में सुनील सिंह गोपाल ने कहा कि यह आयोजन जय मां काली बखोरापुर वाली की कृपा और उनके माता-पिता के आशीर्वाद से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि चाहे जितने भी बड़े आयोजन हों, उनके लिए यह कभी कठिन नहीं होता, क्योंकि माता का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने जानकारी दी कि इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में भक्तिमय माहौल बना रहा, जिससे क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
समारोह में क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर कर्नल राणा प्रताप सिंह, जदयू महासचिव छोटू सिंह, गोल्डमैन प्रेम सिंह, लक्ष्मण तिवारी, रवि शंकर सिंह, सोनाली सिंह, रामनाथ चौरसिया और प्रो. के. के. सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
सभी आगंतुकों ने श्रद्धेय द्वारिका सिंह जी को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता का वातावरण तैयार किया। श्रद्धालुओं और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।