इंकलाबी नौजवान सभा ने भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के शहादत दिवस पर निकाला युवा हुंकार मार्च

Report By : तारकेश्वर प्रसाद
आरा बिहार : देश के महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस को इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) ने छात्र-युवा हुंकार मार्च के रूप में मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं और समाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शहीदों के बलिदान को किया याद
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार ने लाहौर जेल में फांसी दे दी थी। उनका सपना सिर्फ ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक ऐसे भारत की कल्पना कर रहे थे जहां समाजवाद, समानता और न्याय की स्थापना हो। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सिर्फ शासक बदलने से आज़ादी अधूरी रहेगी, जब तक कि समाज में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक समानता स्थापित नहीं होती।
वर्तमान परिस्थितियों में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता
कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं, संविधान को कमजोर किया जा रहा है, गरीबों और मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं, तब भगत सिंह के विचार और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों और बुनियादी ढांचे को कॉर्पोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है।

युवाओं से संघर्ष तेज करने की अपील
वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर चलें और सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है, ताकि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में इंकलाबी नौजवान सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक मनोज मंजिल, इंसाफ मंच के राज्य सचिव कयामुद्दीन अंसारी, माले कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, नगर सचिव सुधीर प्रसाद, RYA जिला अध्यक्ष निरंजन केशरी, जिला सहसचिव विशाल कुमार, अधिवक्ता अमित कुमार बंटी सहित कई अन्य संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभा के दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने “इंकलाब जिंदाबाद” और “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। इस मार्च में सैकड़ों छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए और इसे सफल बनाया।