मिर्जापुर ग्रामसभा में अस्पताल स्थानांतरण का विरोध, विधायक अंकित भारती ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

Report By : स्पेशल डेस्क
गाजीपुर जिले के सैदपुर विधानसभा क्षेत्र में मिर्जापुर ग्रामसभा के लोगों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब प्रशासन ने वहां स्थित स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) को सादात में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इस फैसले से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस अस्पताल से मिर्जापुर ग्रामसभा और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग लाभान्वित होते थे, लेकिन अब इसे स्थानांतरित करने से आमजन को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
इस मुद्दे को लेकर सैदपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंकित भारती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अस्पताल स्थानांतरण को रोकने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि मिर्जापुर ग्रामसभा में स्थित अस्पताल स्थानीय निवासियों के लिए एकमात्र स्वास्थ्य सुविधा केंद्र है, जहां आसपास के कई गांवों के लोग अपने इलाज के लिए निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल को सादात में स्थानांतरित करना मानवता विरोधी कदम है।
विधायक अंकित भारती ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल को अपनी वर्तमान स्थिति में बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस अस्पताल को स्थानांतरित किया गया, तो स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित होना पड़ेगा, जिससे आमजन को इलाज के लिए दूर जाना पड़ेगा और गंभीर परिस्थितियों में समय पर इलाज न मिल पाने की आशंका बढ़ जाएगी।
जनता में आक्रोश और परेशानियां:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अस्पताल से गांव के गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज की सुविधाएं मिलती थीं। अस्पताल के स्थानांतरण से मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर रोगियों के लिए भारी कठिनाई उत्पन्न होगी।
एक ग्रामीण ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे गांव में अस्पताल होने से हमें समय पर इलाज मिल जाता था। यदि इसे हटा दिया गया, तो हमें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी सादात जाना पड़ेगा, जो समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी। प्रशासन को हमारे हितों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल को यथावत रखना चाहिए।”
विधायक का अनुरोध:
विधायक अंकित भारती ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मिर्जापुर ग्रामसभा में स्थित अस्पताल को जनता के हित में यथावत रखा जाए और इसे स्थानांतरित करने का निर्णय वापस लिया जाए।
क्या कहता है प्रशासन?
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित निर्णय लेगी।
मिर्जापुर ग्रामसभा के अस्पताल को स्थानांतरित किए जाने का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। विधायक अंकित भारती द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र से यह मुद्दा अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अस्पताल को अपनी जगह बनाए रखती है या स्थानांतरण के निर्णय पर आगे बढ़ती है।