बरगढ़ में दबंगों का तांडव, युवक से मोबाइल छीनकर वीडियो कराया डिलीट, 50–60 लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम
चित्रकूट/बरगढ़ : बरगढ़ थाना क्षेत्र में दबंगई (Bullying) और अराजकता (Anarchy) की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। शनिवार सुबह करीब 8 बजे बरगढ़ कस्बे में करीब 50 से 60 लोगों की उग्र भीड़ ने खुलेआम कानून को चुनौती देते हुए जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि भीड़ ने एक किराए के मकान का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट (Assault) करते हुए उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो (Video Evidence) बना रहे युवक के मोबाइल से जबरन रिकॉर्डिंग डिलीट कर सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 24 जनवरी 2026 की सुबह बरगढ़ कस्बे में स्थित एक किराए के मकान के पास अचानक कुछ अज्ञात लोग एकत्र हो गए। शुरुआत में गाली-गलौज (Abusive Language) और हंगामा किया गया, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ उग्र (Violent Mob) हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ ने मकान में जबरन घुसने का प्रयास किया और आसपास दहशत फैलाने लगी। जब मकान में रह रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने हमला बोल दिया और माहौल पूरी तरह अराजक हो गया।

मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद एक युवक ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू किया, ताकि बाद में पुलिस (Police) को सबूत दिया जा सके। लेकिन आरोपियों ने झपट्टा मारकर युवक का मोबाइल छीन लिया और वीडियो डिलीट (Delete Video) कर दी। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी (Threat) देते हुए मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग भयभीत हो गए।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात (Daylight Crime) से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह खुलेआम भीड़ द्वारा कानून को रौंदना बेहद चिंताजनक है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो दबंगों के हौसले और बढ़ सकते हैं। घटना के बाद से कई लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
मामले में पीड़ित और शिकायतकर्ता अमरेश चंद्र तिवारी की तहरीर पर बरगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने धारा 191(2), 121(1), 132, 333 और 326(f) के अंतर्गत एफआईआर (FIR) दर्ज की है। इन धाराओं में संगठित हिंसा, जानलेवा हमला, सरकारी व्यवस्था को बाधित करना और गंभीर चोट पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।
बरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच (Investigation) तेजी से की जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए स्थानीय सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर भीड़तंत्र (Mobocracy) किस तरह कानून व्यवस्था (Law and Order) के लिए चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में पुलिस गश्त (Police Patrolling) बढ़ाई जाए और दबंग तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
फिलहाल पुलिस की सक्रियता के बाद इलाके में स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन घटना ने बरगढ़ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





