राज्यसभा सांसद ने ट्रेनों के ठहराव के लिए रेल मंत्री को सौंपा पत्रक


दिल्ली: राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने आज केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर गाजीपुर जिले के तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों—दिलदारनगर जंक्शन, जमानिया रेलवे स्टेशन और गहमर रेलवे स्टेशन—पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर पत्रक सौंपा।
डॉ. संगीता बलवंत ने बताया कि दानापुर मंडल के इन स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों यात्री यात्रा करते हैं। इनमें नौकरीपेशा, व्यापारी, छात्र और सेना के जवान शामिल हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को “गहमर—एशिया का सबसे बड़ा गाँव” बताते हुए कहा कि यहाँ के लोग रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव के अभाव में पड़ोसी स्टेशनों, जैसे बक्सर (बिहार) और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, का रुख करने को मजबूर होते हैं। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इन ट्रेनों के ठहराव की उठाई मांग
1. दिलदारनगर जंक्शन पर — हिमगिरी एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, जियारत एक्सप्रेस और पटना-लखनऊ-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस।
2. जमानिया रेलवे स्टेशन पर — ब्रह्मपुत्र मेल, पटना-इंदौर एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस और संघमित्रा एक्सप्रेस।
3. गहमर रेलवे स्टेशन पर — मगध एक्सप्रेस का ठहराव मांगा गया है।
सांसद बलवंत ने कहा कि इन ट्रेनों के ठहराव से क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों और महानगरों तक यात्रा करने में सुविधा होगी। विशेष रूप से, गहमर जैसे गाँव, जो सेना और पुलिस बल में बड़ी संख्या में जवान देता है, के लिए यह निर्णय बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें दिलदारनगर, जमानिया और गहमर में रुकेंगी तो रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा और यात्रियों को आवागमन के लिए अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
सांसद ने बताया कि इन ट्रेनों के ठहराव की मांग पूर्व में संसद में भी उठाई जा चुकी है, लेकिन इस बार उन्होंने रेल मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर इसे फिर से प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
गाजीपुर जिले के दिलदारनगर, जमानिया और गहमर के रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग क्षेत्रीय लोगों के आवागमन में सुगमता लाने और रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से की गई है। सांसद डॉ. संगीता बलवंत के इस प्रयास को क्षेत्र के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब देखना यह है कि रेलवे मंत्रालय इस पर कब और क्या निर्णय लेता है।